CM नीतीश ने दिए डिमांड बेस्ड टेस्टिंग कराने के निर्देश, बढ़ सकता है लॉकडाउन

Patna: बिहार में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 31 जुलाई तक लॉकडाउन लगाया गया है। हालांकि, इसका असर नहीं दिख रहा है। कोरोना केस के रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 2803 नए मरीजों की पुष्टि हुई और 1683 लोग स्वस्थ होकर घर लौटे। इस दौरान 11 मरीजों की कोरोना से मौत हो गई।

बिहार में अब तक कोरोना के 36314 मरीजों की पुष्टि हुई है। अच्छी बात यह है कि 24520 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं। 232 मरीजों ने कोरोना से दम तोड़ा है। अब तक 442125 सैंपल की जांच हुई है। औसतन 12 सैंपल में एक केस पॉजिटिव मिल रहा है।

16% तक गिरा रिकवरी रेट, लेकिन पिछले तीन दिनों में 4% बढ़ा
राज्य में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक था। 28 जून को यह 78.5 % तक पहुंच गया था। लेकिन, उसके बाद कोरोना मरीजों के मिलने की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ और उसकी तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होती गई। इस वजह से रिकवरी रेट में धीरे-धीरे गिरावट होने लगी। हालांकि अभी बिहार का रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत 63.45% से 4 % अधिक है।

डिमांड बेस्ड टेस्टिंग कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डिमांड बेस्ड टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया है ताकि जो लोग जांच कराना चाहते हैं उसकी तुरंत टेस्टिंग हो। सीएम ने कहा कि आरटीपीसीआर से भी टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई जाए। सीएम ने कहा कि सभी संक्रमित मरीजों के बेड के पास ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य उपकरणों के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा तय कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग सैंपल के रिजल्ट को अधिकतम 24 घंटे में लोगों को उपलब्ध कराएं।

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