आरोग्य सेतु ऐप के कारण ट्विटर पर भिड़े कांग्रेस और भाजपा के नेता, राहुल ने उठाए गंभीर सवाल

आरोग्य सेतु मोबाइल एप और लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर कांग्रेस-भाजपा के बीच शनिवार की तीखी तकरार देखने को मिली। कांग्रेस ने आरोग्य सेतु एप के इस्तेमाल से डाटा सुरक्षा और गोपनीयता के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए लॉकडाउन 3.0 को लेकर भी कुछ सवाल उठाए है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि आरोग्य सेतु एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है, जिससे निजता एवं डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो रही हैं.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि आरोग्य सेतु एक अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है, जिसे एक निजी ऑपरेटर को आउटसोर्स किया गया है तथा इसमें कोई संस्थागत जांच-परख नहीं है. इससे डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हमें सुरक्षित रहने में मदद कर सकती है, लेकिन नागरिकों की सहमति के बिना उन पर नजर रखने का डर नहीं होना चाहिए.

आरोग्य सेतु एप पर कांग्रेस के आरोप जवाब देते हुए संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता रोज नया झूठ बोलते हैं। जो जिंदगीभर निगरानी करने में लिप्त रहे हों वे नहीं समझेंगे कि तकनीक का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए यह सही समय है जब उन्हें अपने ट्वीट अपने उन साथियों को आउटसोर्स करना बंद कर देना चाहिए जो भारत को नहीं समझते। रविशंकर ने जोर देकर कहा कि आरोग्य सेतु एप में डाटा सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि वह बड़े होना ही नहीं चाहते। वह न सिर्फ आरोग्य सेतु एप से अनभिज्ञ हैं बल्कि बेहद गैरजिम्मेदारी से गलत सूचनाओं के जरिये लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस ने देश में लॉकडाउन (Lockdwon) की मियाद 17 मई तक बढ़ाए जाने को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि इस लॉकडाउन से बाहर निकलने की उनकी सरकार की योजना क्या है और यह पूरी तरह खत्म कब होगा. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने सरकार से आग्रह किया कि प्रवासी मजदूरों से किराया लिए बगैर उन्हें घर भेजने के लिए रेलगाड़ियों की व्यवस्था की जाए और किसानों, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) की इकाइयों और वेतनभोगी वर्ग को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं.

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