गया जंक्शन पर कुली का काम करने वाले शिवकुमार गुप्ता बोलते हैं फर्राटेदार अंग्रेजी

बिहार के गया जंक्शन पर कुली का काम करने वाले शिवकुमार गुप्ता इनदिनों काफी सुर्खियों में हैं। सुर्खियों में रहेंगे भी क्यों नहीं ?, उनके अंदर हुनर ही ऐसी है कि कोई भी उनका कायल हुए बगैर नहीं रह पाता है। शिवकुमार गुप्ता के पास ना तो हाई एजुकेशन हैं ना ही फैमिली बैकग्राउंड ही ऐसा है कि कहा जा सकता है कि बचपन में इन्होंने किसी अंग्रेजी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की होगी। इन सबके बावजूद वो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। अंग्रेजी अखबार पढ़ते हैं। गया जंक्शन पर आने वाले किसी विदेशी के लिए शिवकुमार गुप्ता अनजान नहीं है। ये उन्हीं की भाषा में बातचीत करते हुए अपने काम को बखूबी अंजाम देते हैं। जिसके सभी कायल है। गया जंक्शन पर कुली का काम करने वाले 70 साल के शिव कुमार गुप्ता ने अपने शौक से अंग्रेजी सीखी है।


शिव कुमार गुप्ता फर्राटेदार इंग्लिश बोलते हैं, वहीं लोग इन्हें इंग्लिश कुली मैन के नाम से भी जानते हैं। खास बात यह है कि इनके पास ना कोई एजुकेशन है न ही कोई डिग्री है। लेकिन अंग्रेजी ऐसी की हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाए। हाथों में अंग्रेजी अखबार, जुबां पर फर्राटेदार अंग्रेजी और काम कुली का करते है। शरीर अब धीरे-धीरे साथ देना छोड़ रहा है, लेकिन बुढ़ापे के साथ यह और भी मजबूत होते जा रहे हैं।
शिवकुमार गुप्ता बताते हैं कि काम तो वो कुली का करते हैं लेकिन सबसे पहले वो इंसान हैं। जो की लोगों के काम आ सकें। आम कुलियों को हिंदी भी ठीक से समझ नहीं आती है, वहीं शिवकुमार गुप्ता बिना कोई डिग्री के ही धड़ल्ले से अंग्रेजी बोलते हैं। ऐसे में ज्ञान की भूमि गया जैसे ऐतिहासिक स्टेशन पर उनके साथ अन्य कुलियों को भी खूब लाभ मिलता है। जब भी कोई जंक्शन पर विदेशी बाबू पहुंचते हैं और जो हिंदी नहीं समझते हैं, उनके लिए शिवकुमार गुप्ता मददगार बनते हैं। उनके सामानों को पहुंचाने के साथ ही उनकी सहूलियत के हिसाब से गाइड करना शिवकुमार गुप्ता अपना धर्म समझते हैं।
कुली शिवकुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी कोशिश होती है कि जिनके लिए वे काम कर रहे हैं, वो खुश रहें, न दाम-साट न मोल-जोल। गुप्ताजी के व्यवहार के कारण उन्हें लोग खूब पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह के कारण बिना मांगे उन्हें अक्सर लोग उनको गिफ्ट दे जाते हैं।

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