अभी-अभी : कोरोना से ‘महाभारत’ के ‘इंद्रदेव’ सका निधन, आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे सतीश कौल

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दुखद खबर है। महाभारत में इंद्रदेव का रोल निभाने वाले सतीश कौल का निधन हो गया। सतीश की उम्र करीब 73 साल थी। उन्होंने 10 अप्रैल को लुधियाना में आखिरी सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे वक्त से बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि बीते दिनों उन्हें कोरोना का संक्रमण भी हो गया था। गुरुवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया और शनिवार को निधन हो गया। पिछले साल सतीश ने इंटरव्यू में बताया था कि वह दवाओं, घर के सामान जैसी चीजों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।

सतीश को बीते कुछ दिनों से बुखार था। indianexpress.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सतीश की बहन सत्या देवी ने बताया कि उनको बीते 5-6 दिन से बुखार था और तबीयत ठीक नहीं थी। गुरुवार को उनको अस्पताल ले जाया गया। यहां पता चला कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे। बीते साल पीटीआई के इंटरव्यू में सतीश ने कहा था कि उन्हें कलाकार के तौर पर तो बहुत प्यार मिला अब इंसान के रूप में भी लोगों की मदद की जरूरत है। खबरें सामने आई थीं कि सतीश कौल वृ्द्धाश्रम में रह रहे हैं, हालांकि तब खुद सतीश कौल ने बताया था कि ऐसी खबरें अफवाह हैं और वह लुधियाना में एक किराए के घर में रहते हैं। हालांकि वह पहले वृद्धाश्रम में ही रहते थे। बता दें कि 2011 में वो मुंबई से पंजाब लौट आए थे और उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। सतीश ने कहा था कि लॉकडाउन के चलते उनकी आर्थिक हालत ज्यादा बिगड़ गई थी। इंटरव्यू के दौरान सतीश ने कहा था कि उनके पास दवाई और राशन जैसी आम जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं है।

गौरतलब है कि साल 2015 में सतीश कौल के कूल्हे की हड्डी फ्रैक्चर हो गई थी, जिसकी वजह से करीब ढाई साल वो बिस्तर पर ही रहे। ऐसे में उनकी आर्थिक हालत और बिगड़ गई थी। वहीं बात सतीश कौल के करियर की करें तो उन्होंने ‘प्यार तो होना ही था’, ‘आंटी नंबर 1’ सहित करीब 300 हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया था। बता दें कि सतीश कौल को ‘महाभारत’ में भगवान इंद्र के किरदार से पहचान मिली थी। इसके साथ ही वह ‘विक्रम और बेताल’ के लिए भी जाने जाते थे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *