बनकर तैयार हुआ बिहार का सबसे लंबा 12KM वाला एलिवेटेड रोड, 20 मिनट में जेपी सेतु से पहुंचाएगा एम्स

उ त्तर बिहार की तरफ से आने वाले लोगों को जेपी सेतु से पटना में प्रवेश के बाद करीब एक घंटे का समय लग जाता था। दीघा, बेली रोड, चितकोहरा गोलंबर से फुलवारीशरीफ तक सड़कती गाड़ियों के बीच मरीज परेशान होते थे। उत्तर बिहार की तरफ से जेपी सेतु के जरिए आने वाले लोग अब दीघा-एम्स एलिवेटेड रोड के जरिए मुश्किल से 20 मिनट में एम्स तक पहुंच जाएंगे। इससे मरीजों की जान बचेगी।सीरियस मरीजों काे विशेष लाभ होगा। नए साल में एम्स की तरफ भी सड़क को दुरुस्त करने और ड्रेनेज का कार्य पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है। इससे आम लोगों को सड़क पर होनेवाले असमय जलजमाव जैसी स्थिति से भी निजात मिल जाएगी।

1289.25 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 12.27 किलोमीटर लम्बा यह पथ बिहार का सबसे लंबा एलिवेटेड रोड है। पटना-दिल्ली रेललाइन के ऊपर 106 मीटर लंबा रेलवे ओवर ब्रिज इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है। नेहरू पथ पर पहले से निर्मित आरओबी के कारण एलिवेटेड पथ की ऊंचाई लगभग 25 मीटर है, जिसका निर्माण अपने आप में काफी चुनौतीपूर्ण था। यह सड़क व्यवसायिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है।

कोरोना संक्रमण ने वर्ष 2020 में लोगों के जीवनस्तर को प्रभावित किया। लोग घरों की दहलीज में कैद होने को बाध्य हुए। हालांकि, इस दरम्यान सरकार की ओर से कई योजनाएं तैयार की गईं। ये योजनाएं वर्ष 2021 में राजधानी के लोगों की परेशानी को दूर करने वाली होंगी। कोरोना का खतरा कम होने के बाद पटरी पर लौटती जिंदगी को पूरी रफ्तार देने में ये योजनाएं काफी सहायक होने वाली हैं। राजधानी में जाम जैसी समस्या के कारण कई बार अस्पताल तक मरीज पहुंच पाने में कामयाब नहीं हो पाते। नई योजनाओं से यह स्थिति बदलेगी। नए साल में ये योजनाएं लोगों के लिए नई उम्मीद के रूप में मददगार साबित होंगी।

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