DM साब की गुंडागर्दी, विवाह भवन में घुसकर दूल्हा-दुल्हन को पीटा, किया गया ससपेंड

DM ने मैरिज हॉल पर मारा छापा, पुजारी-रिश्तेदार जो सामने आया उसे थप्पड़ जड़े : कोरोना के संक्रमण की रफ्तार तेज है. यह पाबंदियां लगाने और गाइडलाइंस मानने से ही रुकेगी. गाइडलाइंस का पालन हो, ये सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रशासन की है. लेकिन लागू करने की कोशिश में अगर प्रशासनिक अधिकारी तानाशाही रवैया अपना लें तो? त्रिपुरा की राजधानी अगरतला का एक वीडियो वायरल है. इसमें यहां के डीएम शादी हॉल में पंडित, रिश्तेदार सबको थप्पड़ मारते दिख रहे हैं. काफी बवाल के बाद 28 अप्रैल को डीएम के खिलाफ जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है. यह कमेटी प्राथमिक तौर पर मामले की जांच कर रही है. अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएंगे. बता दें कि दोपहर में उनके सस्पेंड होने की खबरें भी आईं, जो गलत हैं.

घटना 26 अप्रैल की रात की है. DM शैलेश यादव कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो करवाने के लिए शहर में गश्त पर निकले थे. अलग-अलग मैरिज हॉल्स में नाइट कर्फ्यू के बावजूद रात 10 बजे के बात तक शादी चल रही थी. कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए बड़ी संख्या में लोग इन शादियों में शामिल हुए थे. बैंड, कैटरिंग सबकी व्यवस्था थी. वायरल वीडियो में कई सारे लोग नज़र आ रहे हैं. कुछ लोग बिना मास्क के भी दिख रहे हैं.

एक मैरिज हॉल में घुसते ही डीएम सामने आ रहे हर शख्स पर चिल्लाते और उन्हें थप्पड़ मारते दिख रहे हैं. क्या पंडित, क्या दूल्हा. उनके साथ पहुंची पुलिस की टीम भी डंडों के जोर से शादी में आए लोगों को तितर-बितर कर रहे हैं. एक महिला डीएम सामने एक कागज बढ़ाते हुए कहती है कि हमने परमिशन ले रखी है. डीएम शैलेश यादव कागज को फाड़ देते हैं और चीखते हुए कहते हैं, परमिशन शादी करने की थी, हॉल में रात 10 बजे के बाद शादी करने की नहीं.

एक दूसरे शादी हॉल में डीएम सीधे स्टेज पर जाते हैं. वहां अपने साथ पहुंची पुलिस को वो दूल्हे को अरेस्ट करने को कहते हैं. इस दौरान जो भी उन्हें रोकने या अपनी बात रखने की कोशिश करता, वह साथ मौजूद पुलिस को मौखिक फरमान जारी करते, इसको भी गिरफ्तार करो, सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने की धारा लगा कर जेल में डालो.

डीएम साहब शादी करने वालों पर ही नहीं बल्कि अपने साथ मौजूद पुलिस अधिकारियों पर भी बुरी तरह भड़कते दिखाई दे रहे हैं. वह उन पर भी आरोप लगाते दिख रहे हैं कि यह सब उनकी मिली भगत से हो रहा है. इस तरह की रिपोर्ट्स भी आई हैं कि पुलिस की मिलिभगत से लोग कोरोना गाइडलाइंस को दरकिनार करके बड़ी गैदरिंग्स कर रहे हैं. उन्होंने कार्रवाई के बाद कहा कि मैंने सोचा कि देख लेते हैं कि शहर में क्या चल रहा है. यह सब देख कर मैं हैरान रह गया. यहां पुलिस की गाड़ी खड़ी है, लेकिन फिर भी यह सब यहां चल रहा है. पुलिस भी इस पूरे कारनामे में मिली हुई है. ये लोग पढ़े लिखे हैं लेकिन फिर भी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे. यही लोग कोरोना फैलने पर कहेंगे कि सरकार कुछ कर नहीं रही है.

डीएम शैलेश यादव की नीयत भले ही सही थी. लेकिन उनका तरीका बहुत गलत था. और उनके तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हो गया. कई लोगों ने उनके रवैये को गलत बताया.

इस घटना पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए पांच विधायकों, आशीष कुमार साहा, दिबा चंद ह्रंगखौल, राम प्रसाद पॉल, सुशांत चौधरी और आशीष दास ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. डीएम शैलेश यादव के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच बिठाने का अनुरोध भी किया है. इस मामले में मुख्यमंत्री ने दो सांसदों की एक कमेटी बनाई है. पश्चिम त्रिपुरा की सांसद और भाजपा नेता प्रतिमा भौमिक ने कहा कि वो दुल्हन के रिश्तेदारों से मिलने जाएंगी और उनसे घटना के बारे में पूरी जानकारी लेंगी.

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