कांग्रेसी कार्यकर्ता का पत्र वायरल, कहा-जनता कर्फ्यू पर हाई तौबा क्यों, PM ने जो कहा वह ठीक है

मुझे व्यक्तिगत तौर पर मोदी जी के अंधसमर्थकों और अंधविरोधियों से अत्यधिक सहानुभूति है। इन दोनो ही प्रजातियों के लोगों से निवेदन की अंधसमर्थन और अंधविरोध के नाम पर कृपया अपने शरीर व परिवार का अहित ना करें। को/रोना एक म/हामारी है और समस्त विश्व के लोगों के लिए या मानवता के लिए ये एक ख/तरा बन कर उभर चुका है। आज ही ऑफिस से आते समय एक इंडियन जेम्स बांड के अवतार से मुलाकात हो गई। जनाब, अपने साथ के एक व्यक्ति को ज्ञान और शेखी बघार रहे थे कि भैय्या…ये कोरोना-वोरोना कुछ नहीं है, बस हौव्वा बना दिया गया।

आमतौर पर मैं अनजान लोगों को टोकता नहीं हूं लेकिन मुझे लगा कि ये आदमी अपने साथ के लोगों का भी अहित कर सकता है तो फिर मैंने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि भाई, को/रोना को गंभीरता से लीजिए और पूरी सावधानी बरतिए। मैंने मोदी जी के संबोधन का हवाला देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री अगर देशवासियों से अपील कर रहे हैं तो समझिए की हम सबको सचेत रहने की आवश्यकता है। मैंने उनको दुनिया भर में हुई मौ/त के आंकड़े का जब हवाला दिया तो साहेब स्वाइन फ्लू से इसकी तुलना करने लगे। #जेम्स_बांड भैया के मुताबिक प्रधानमंत्री Narendra Modi जी के जनता क/र्फ्यू वाली अपील भी बकवास ही है और जो होना होगा सो होकर ही रहेगा वाला एटीट्यूड दिखाया। फिर मैंने बांड भैया से दंडवत प्रणाम करते हुए कहा कि कोई बात नहीं, आपको जो करना है करिए बस इतना निवेदन है कि दूसरों को बड़गलाइये नहीं और अपने अधकचरा ज्ञान का प्रसार मत कीजिए।

फेसबुक-ट्विटर पर कुछ प्रकांड ज्ञानियों को देख रहा हूं कि जनता क/र्फ्यू का भी मजाक बना रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ये बेहतर है कि हम पहले से ही मॉक ड्रिल कर लें। जनता क/र्फ्यू का भी अगर आप मजाक उड़ा रहे हैं तो फिर आपको लानत है। को/रोना को लेकर विकसित देशों की स्थिति क्या है ये थोड़ा गूगल कर लें। मोदी जी ने अगर को/रोना से चल रहे म/हायु/द्ध में अपने जा/नों की परवाह किए बगैर मानव सेवा को सर्वोपरि मानने वाले डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, एयरपोर्ट कर्मचारियों, व अन्य सेवा में लगे साथियों के सम्मान में ताली-थाली बजाने की अपील कर दी तो इसमें आपको क्या परेशानी हो गई? अगर 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को घर से नहीं निकलने की अपील की जा रही है तो इसमें क्या हर्ज है? अगर मोदी जी ने बिजनेसमैन व कंपनियों के मालिकों से अपने कर्मचारियों, मजदूरों की सैलरी व दैनिक मजदूरी का पूर्ण भुगतान करने की अपील कर दी तो ये तो अच्छी बात है ना?

ये वक्त किसी का विरोध या समर्थन करने का नहीं बल्कि एकजुट होकर को/रोना का डटकर मुकाबला करने का है। एहतियात बरतिए, अफवाहों पर ध्यान नहीं दीजिए, केंद्र सरकार व राज्य सरकार पर भरोसा रखिए और सबसे बड़ी बात की अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा स्वयं कीजिए। अस्पताल तभी जाइये जब किसी को वास्तविक रूप में को/रोना के लक्षण नजर आए, फिलहाल अन्य आम बी/मारियों के लिए अस्पताल व डॉक्टरों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाइये। कल से मेरा भी वर्क फ्रॉम होम शुरू हो गया है और मैं इसके लिए अपनी कंपनी का धन्यवाद प्रकट करता हूं और एक बात की ‘वर्क फ्रॉम होम’ को सुविधा नहीं समझिए और अपने घर में ही परिवार के साथ समय बिताएं, अच्छा पढ़िए, अच्छा खाइये…परिवार को फुल समय दीजिए…को/रोना का दौर भी बीत जाएगा। ईश्वर पर ध्यान रखें….जय श्यामा माई—जय जगदंबे—हर हर महादेव
-PANKAJ PRASOON

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