गडकरी का मोदी सरकार पर ह’मला, कहा- जहां सरकार हाथ लगाती है वहां होता है सत्यानाश

मोदी सरकार में अब खुलकर आरोप -प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है सड़क परिवहन मंत्री कह रहे है कि जहां सरकार हाथ लगाती है वहां सत्यानाश होता है यानि “जहां जहां पाँव पढ़े संतन के तहां तहां बंटाढार” इस बात को NHAI ( National Highways Authority of India ) विवाद से जोड़कर देखा जा सकता है विगत 17 अगस्त को पीएमओ से नृपेंद्र मिश्रा ने सड़क बनाने वाली सरकारी संस्था NHAI को एक पत्र लिखकर कहा था कि वह हाइवे निर्माण अब बंद कर दे और हाइवे निर्माण के लिए पुरानी व्यवस्था अपनाई जाए जिसमें निजी डेवलपर्स को इसका ज़िम्मा सौंपा जाए और NHAI को एक लाभदायक प्रबंधन कंपनी में बदल दिया जाए …. पीएमओ ने एनएचएआई को एक सप्ताह के भीतर इस पर जवाब देने के लिए कहा था। …………शायद इसी बात से गडकरी नाराज है और सम्भवतः पीएमओ से प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा का इस्तीफ़ा भी इसी झगड़े का परिणाम है

बताते चले कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी ही सरकार पर करारा हमला बोला है। नितिन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम में कहा है कि जिस काम में सरकार हाथ लगाती है, वहां सत्यानाश हो जाता है, इसलिए मैं किसी प्रोजेक्ट में सरकार की मदद नहीं लेता हूं। इसी कार्यक्रम में बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि विदर्भ इलाके में किसानों की आत्महत्याएं होती है, यह हमारे लिए शर्म की बात है। बता दें कि नितिन गडकरी सड़क एवं परिवहन मंत्री है और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इनके विभाग का काम बेहद सराहा गया था। हालांकि अब आए उनके बयान से ऐसा लगता है कि उनके विभाग या उनको संभवतः सरकारी नियमों की वजह से कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले कुछ समय से नितिन गडकरी की तबीयत को लेकर भी यदा-कदा खबरें आती रहती हैं। अभी हाल ही में 1 अगस्त को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को चक्कर महसूस होने पर राष्ट्रगान के बीच में ही बैठना पड़ा था। उस समय डॉक्टरों ने ‘चक्कर’ की वजह मंत्री द्वारा गले के संक्रमण के लिये ली गई एंटीबायोटिक को बताया था। ये कार्यक्रम पुन्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर सोलापुर विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया था और कार्यक्रम में नितिन गडकरी विशिष्ट अतिथि थे।

हालांकि यह पहली बार नहीं था जब बीजेपी नेता सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर बेहोश हुए हो। बीते कुछ महीनों में ऐसे कुछ मामले सामने आए जब सार्वजनिक कार्यक्रम में गडकरी संभवत: शर्करा स्तर की कमी के कारण बेहोश हो गए।

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