बेटे ने अखबार नहीं पढ़ा तो पिता ने गंगा में फेंक दिया, स्थानीय लोगों ने बचाया, पुलिस ने छोड़ा

दीघा थाना इलाके में शनिवार की शाम एक अजीबोगरीब घटना हुई। एक बाप ने अपने सात साल के बेटे को गंगा में फेंक दिया। डेढ़ साल की बेटी को गंगा में फेंकने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, कोई अनहोनी नहीं हुई और स्थानीय लोगों ने गुस्से में पागल हो चुके बाप से दोनों बच्चों को बचा लिया। घटना शनिवार की देर शाम दीघा के 83 नंबर घाट पर हुई। पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली मौके पर पहुंच गई।

थाना इलाके के ही लक्ष्मी नगर के रहने वाले शत्रुघ्न पांडेय और उनके दोनों बच्चों को थाने ले आई। पुलिस ने शत्रुघ्न को समझा बुझाया और हिदायत देकर छोड़ दिया। साथ ही पुलिस ने शत्रुघ्न से बाॅण्ड भी भरवाया। दोबारा ऐसी गलती होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। थानेदार मनोज सिंह के मुताबिक पिता ने कहा कि गुस्से में गलती हो गई। समझा-बुझाकर घर भेज दिया गया है।

थानेदार ने बताया कि शत्रुघ्न ने घर में नियम बनाया हुआ है। सात साल के बेटे का रोज अखबार पढ़ने और 25 बार दंड बैठक लगाना है। शनिवार को रातभर काम कर जब वे घर लौटे तो बेटे ने झूठ बाेल दिया, जिसका पता चलने पर गुस्से में बेटे और डेढ़ साल की बेटी को लेकर बाइक से गंगा में फेंकने निकल गया।

बेटे ने कहा- पिता ने उसे पीटा नहीं, सिर्फ डांटा है : शत्रुघ्न मूलरूप से गोरखपुर का रहने वाला है। पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया में काम करता है और परिवार के साथ ही लक्ष्मी नगर में रहता है। बेटे को गंगा में फेंकने के बाद जैसे ही वह बेटी को फेंक रहा था, आसपास के लोगों ने रोक लिया। कुछ लोग पानी में कूद गए और डूबते हुए सात साल के बच्चे का बचा लिया। थानेदार ने कहा कि दोनों बच्चे सहमे हुए थे। पूछने पर उन्होंने कहा कि पिता ने पीटा नहीं है। सिर्फ डांटा है।

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