महंगाई की मार, 76 रुपया बढ़ा गैस सिलिंडर का दाम

बैंकों से कम मिलेगा ब्याज, गैस सिलिंडर भी हुआ महंगा, 1 नवंबर से हो रहे हैं ये पांच अहम बदलाव

एलपीजी कि कीमतों में भी बदलाव हो गया है। आज से रसोई गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। ये लगातार तीसरी बार है जब ऐसा हुआ है। देश के बड़े महानगरों में गैस सिलिंडर 76.5 रुपये महंगा हो गया है। गैस की बढ़ी कीमतों से आम आदमी की जेब में असर पड़ेगा।

1 नवबंर से देश में बैंक से लेकर गैस सिलिंडर तक कई चीजों के नियम बादल गए हैं। बैंकों के कामकाज से लेकर इंट्रेस्ट रेट तक बहुत कुछ बादल गया है। ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं कि आज से कौन से नियम बादल गए हैं और इन बदले हुए नियमों का आपकी जेब में कितना असर पड़ेगा।

अगर आप का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में हैं तो इस नियम को ध्यान से पढ़ें। 1 नवंबर 2019 से एसबीआई ने अपने डिपोजिट पर ब्याज दरों में बदलाव किए हैं। पिछले महीने एसबीआई ने घोषणा की थी कि 1 नवंबर से डिपोजिट फंड पर इंट्रेस्ट रेट 0.25 फीसदी से घटाकर 3.25 फीसदी कर दी जाएगी। इसका मतलब अगर आप के सेविंग अकाउंट में 1 लाख रुपये से ज्यादा बैलेंस हैं तो उस पर इंट्रेस्ट रेपो रेट के मुताबिक मिलेगा।

इतना ही नहीं आज से एलपीजी कि कीमतों में भी बदलाव हो गया है। आज से रसोई गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। ये लगातार तीसरी बार है जब ऐसा हुआ है। देश के बड़े महानगरों में गैस सिलिंडर 76.5 रुपये महंगा हो गया है। गैस की बढ़ी कीमतों से आम आदमी की जेब में असर पड़ेगा। वहीं महाराष्ट्र में बैंकों के समय में बदलव हुआ है। 1 नवबंर से महाराष्ट्र के सभी बैंक 9 बजे खुलेंगे और शाम 4 बजे तक काम करेंगे।

वहीं त्योहार को ध्यान में रखते हुए कार में डिस्काउंट और ऑफर्स की घोषणा की गई थी। ये डिस्काउंट 1 नवंबर से खत्म हो जाएगा। इसके अलावा बड़े व्यापारियों को अब सारे पेमेंट डिजिटल करने होंगे। जिन कारोबारियों का सालाना टर्न ओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक है। अब दुकानदार या ग्राहक से डिजिटल पेमेंट करने के लिए मार्चिंत

बड़े कारोबारियों को अब पेमेंट डिजिटल ही करना होगा। ये नियम उन पर लागू होंगे जिनका सालाना टर्न ओवर 50 करोड़ रुपये से अधिक है। अब दुकानदार या ग्राहक से डिजिटल पेमेंट करने के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट की वसूली नहीं की जाएगी।

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