बालू-गिट्टी-लोहा हुआ महंगा, घर बनाने में लोगों को हो रही काफी परेशानी, कम नहीं हो रहा दाम

स्टील के बाद अब सीमेंट तथा भवन निर्माण की अन्य सामग्री के दाम में हुई बढ़ोतरी ने आम जनता के घर के सपने को महंगा कर दिया है। निर्माण का खर्च दो महीनों में ही 1600 रुपए प्रति वर्गफुट से बढ़कर 1800 रुपए वर्गफुट हो गया है। पहले स्टील की कीमतों में 40% की वृद्धि से भवन निर्माण की लागत पर 5% तक बढ़ाेतरी हुई थी। सीमेंट की कीमतों ने भवन निर्माण की लागत को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा बालू, गिट्टी के बढ़े दाम भी भवन निर्माण पर प्रभाव डाल रहे हैं। तांबे की कीमत बढ़ने से जहां बिजली के तार डेढ़ गुना महंगे हाे गए हैं, वहीं सेनेटरी वेयर की कीमत 60% तक बढ़ गई है। राजमिस्त्री का चार्ज और मजदूरी भी पिछले वर्ष की तुलना में 5-10% बढ़ गई है। बिहार क्रेडाई के सदस्य नागेंद्र कुमार ने बताया कि बढ़ी कीमतों के असर से भवन निर्माण की लागत 20-25% ज्यादा हो गई है।

केंद्रीय मंत्री भी दे चुके हैं चेतावनी
24 जनवरी को मुंबई में उद्योग भवन के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा था कि कंपनियों की गुटबंदी बंद नहीं हुई तो विकल्प की तलाश की जाएगी। उन्होंने स्टील और सीमेंट की कीमतों में वृद्धि को कृत्रिम बताया था।

कंपनियों की गुटबंदी से महंगा होता है सीमेंट और स्टील, नियामक संस्था बने
बिहार क्रेडाई के अध्यक्ष मणिकांत ने बताया कि स्टील और सीमेंट महंगा होने का कारण कंपनियों की गुटबंदी है। सभी कंपनियां इकट्ठे होकर रेट तय करती हैं। हर साल दिवाली से होली तक निर्माण के पिक सीजन में कीमत को बहुत बढ़ा दिया जाता है। इस खुली लूट को खत्म करते हुए सीमेंट की कीमत नियंत्रित करने के लिए सरकार को एक नियामक संस्था बनानी चाहिए।

प्रति 1000 वर्गफीट में 511 बैग सीमेंट का होता है इस्तेमाल
रियल स्टेट कारोबारियों के मुताबिक प्रति 1000 वर्गफीट में करीब 511 बैग सीमेंट का इस्तेमाल होता है। इसमें 310 बैग कंक्रीट, 67 बैग ब्रिक वर्क, 89 बैग फ्लोरिंग और 54 बैग प्लास्टर में लगता है। सीमेंट की कीमत पिछले दो महीनों में प्रति बैग 30 रुपए तक बढ़ी है। रियल स्टेट कारोबारी अमिताभ अरुण ने बताया कि पटना और आसपास के इलाकों में 42-43 हजार रुपए प्रति टन के भाव से बिकने वाले स्टील की कीमत पहले ही 56-57 हजार रुपए प्रति टन तक पहुंच गई थी।

दो महीने में कितनी महंगी हुई निर्माण सामग्री/ पहले अब : सीमेंट (पीपीसी) 260 रूपए प्रति बैग 290 रूपए प्रति बैग, स्टील 42-43 हजार रूपए प्रति टन 56-57 हजार रूपए प्रति टन, बजरी(गिट्टी) 7500 रूपए प्रति 100 सीएफटी 8000 रूपए प्रति 100 सीएफटी, बालू 4500 रूपए प्रति 100 सीएफटी 5000 रूपए प्रति 100 सीएफटी
कीमत और बढ़ी तो बिहार के कारोबारी जाएंगे हड़ताल पर

बिहार क्रेडाई यूथ विंग के अध्यक्ष सागर कुमार ने कहा कि निर्माण सामग्री की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि के विरोध में बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया और कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की अलग-अलग चरण में देशव्यापी हड़ताल चल रही है। कीमतें और बढ़ी तो बिहार के रियल स्टेट कारोबारी भी प्रदर्शन और हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।

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