बिहार का घोटालेबाज अधिकारी गिरफ्तार, सेलरी 60000, कुल संपत्ति 9.70 करोड़

60 हजार की सैलरी वाले कर्मचारी की संपत्ति 9.70 करोड़:हाजीपुर के तत्कालीन प्रभारी CI पर कसा निगरानी का शिकंजा, पत्नी पर भी FIR : सैलरी करीब 60 हजार प्रति माह और संपत्ति 9.70 करोड़ से भी अधिक। ईमानदारी की कमाई से यह अकूत संपत्ति खड़ी कर लेना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन, हाजीपुर के घूसखोर सरकारी कर्मचारी की इतनी संपत्ति को देखकर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भी हैरान है। एक राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी सर्किल इंस्पेक्टर (CI) के पास से 9 करोड़, 70 लाख, 32 हजार 115 रुपए की संपत्ति मिली है। मामला वैशाली जिले में हाजीपुर के राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी सर्किल इंस्पेक्टर रहे कुमार मनीष का है।

जांच में 25 से अधिक बड़े और कीमती प्लॉट्स के दस्तावेज मिले, जो कुमार मनीष और उसकी पत्नी मुन्नी कुमारी के नाम से हैं। इनमें अधिकतर प्लॉट्स रिहायशी इलाकों में हैं। इनका कोल्ड स्टोरेज भी है।

लग्जरी कार से लेकर सोना-चांदी, हीरा सब कुछ
यह सरकारी कर्मचारी लग्जरी कार और स्कॉर्पियो का मालिक भी है। हीरा, सोना और चांदी की कीमती ज्वेलरी भी इनकी पत्नी के पास है। पति-पत्नी के नाम से कई बैंक अकाउंट्स मिले हैं, जिनको खंगाला गया है।

कुमार मनीष और उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की FIR-17/2021 दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से पहले दोनों से पूछताछ भी हुई। इतनी संपत्ति कहां से अर्जित की? सरकारी नौकरी के अलावा किस स्रोत से रुपए कमाए? इस बारे में अधिकारियों को पति-पत्नी से कोई जवाब नहीं मिला।

फिलहाल जेल में है सरकारी कर्मचारी
आरोपी सरकारी कर्मचारी को रंगे हाथ निगरानी की टीम ने पकड़ा था, जो अब जेल में है। 23 फरवरी को पटना से हाजीपुर पहुंची निगरानी की टीम ने छापेमारी कर 50 हजार रुपए का रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। हालांकि उस दरम्यान रिश्वत के रुपयों में से 6 हजार रुपए लेकर उनका एक प्राइवेट स्टाफ फरार हो गया था। आरोपी को जेल भेज दिया गया। इसके बाद से निगरानी की एक टीम लगातार इसके द्वारा अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति का आंकलन करने में जुटी हुई थी। कई दिनों के आंकलन के बाद जो असलियत सामने आई, उसे देख निगरानी के अधिकारी भी हैरान में पड़ गए। कुमार मनीष पिछले महीने से ही जेल में है।

विजिलेंस ने ऐसे किया था ट्रैप
हाजीपुर जढुआ के श्रवण कुमार ने विजिलेंस में खरीदी गई जमीन के दाखिल-खारिज के लिए कुमार मनीष द्वारा एकमुश्त 50 हजार मांगने की शिकायत की थी। बताया गया कि पीड़ित ने CMO में भी आवेदन भेज रखा था। ऊपर से आए आदेश के बाद विजिलेंस ने रिश्वतखोरी ही नहीं, बल्कि बड़ी कार्रवाई की तैयारी की। 23 फरवरी को आवेदक को केमिकल लगे 25-25 हजार की दो गड्डियां देकर भेजा और CI को दबोचने के लिए जाल बिछा दिया। CI ने पेमेंट के लिए क्लाइंट को हाजीपुर नवीन सिनेमा रोड स्थित कोचिंग के ऑफिस में बुलाया। आवेदक ने आफिस में जाकर पेमेंट दिया। 25 हजार बगल में बैठे एक शख्स को दिलवाए। बाकी 25 हजार टेबल पर रखवाए ही थे कि टीम ने उसे दबोच लिया।

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