अभी-अभी : कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद बोलेंगे पार्टी को बॉय-बॉय, बीजेपी से मिल जाने का आरोप

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PATNA : नेतृत्व परिवर्तन और संगठन चुनाव की मांग को लेकर अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेटर लिखने वाले नेताओं में शामिल गुलाम नबी आजाद ने सीडब्ल्यूसी बैठक में अपनी सफाई रखी है। इसके साथ ही उन्होंने इस्तीफा देने की भी पेशकश की। राहुल गांधी की ओर से बीजेपी की मदद करने का आरोप लगाए जाने से आहत आजाद ने कहा कि यदि वह किसा रूप में बीजेपी की मदद कर रहे थे तो इस्तीफा दे देंगे। वहीं सोनिया गांधी को लिखी गई चिट्ठी पर बवाल जारी है. राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाराजगी जाहिर की है. प्रियंका गुलाम नबी आजाद से नाराज हैं. गुलाम नबी आजाद के बाद चिट्ठी लिखने वाले एक और नेता कपिल सिब्बल ने राहुल के आरोपों का जवाब ट्विटर पर दिया है. उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल के दौरान मैंने किसी भी मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में बयानबाजी नहीं की, फिर मुझ पर मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है. बता दें कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शुरू जारी है। इस बैठक में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सदस्यों से कहा कि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से मुक्त कर दें और पार्टी को संकट से उबारने के लिए प्रयास करें। साथ ही बैठक में सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी को लेकर चर्चा जारी है। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसको लेकर नाराजगी जाहिर की है। इससे पहले पार्टी मुख्यालय के बाहर कांग्रे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और गांधी परिवार से ही किसी को अध्यक्ष बनाने की मांग की।

कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुलाम नबी आजाद के बयान पर कहा कि जो आप कह रहे हैं वह चिट्ठी में लिखी बातों से बिल्कुल अलग है। कार्यसमिति की बैठक में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने बीजेपी की मदद करने का आरोप लगया। सिब्बल ने कहा, ”राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी का बचाव किया। भाजपा सरकार को गिराने के लिए मणिपुर में पार्टी का बचाव। पिछले 30 सालों ने कभी भी किसी मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में बयान नहीं दिया। फिर भी “हम भाजपा से मिले हुए हैं!” हालांकि कि आजाद ने जवाब देते समय राहुल गांधी का नाम नहीं लिया।

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