बिहार में चूहों के कारण बढ़ रहा भ्रष्टाचार और अपराध, कभी खा जाते है कागज तो कभी तस्करी में आते है काम

Desk: बिहार के चूहों की कारस्तानी तो पूरी दुनिया में मशहूर है. कभी बोतल के बोतल शराब गटक जाते हैं. कभी शिक्षक नियोजन के कागजात काट खाते हैं और अब बिहार के बलवान चूहे लाखों की दवा पी गए. इस बार मामला शराब की तस्करी (Liquor Smuggling) और उसके स्टोरेज का है. गोपालगंज (Gopalganj) में शराब तस्करों ने चूहे के बिल का इस्‍तेमाल कर उसके अंदर गोदाम बना रखा था. कार्रवाई के दौरान चूहे के बिल की शक्ल वाले इस सुरंग से सैकड़ों बोतल शराब बरामद की गई. तस्करों ने इसे बेचने के लिए छिपा कर रखा था. उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शराब बरामद किया है.

Liquor Smuggling: चूहे के बिल से शराब निकलने का यह मामला बिहार के गोपालगंज से जुड़ा है. यह इलाका यूपी की सीमा से सटा है, इस कारण इलाके में शराब तस्कर सक्रिय रहते हैं.

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार के मुताबिक, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मांझागढ़ के शेख टोली गांव में शराब तस्करों ने अपने घर में भारी मात्रा में शराब छिपा रखा है. इसी सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने शेख टोली के रहने वाले मनोज कुमार के घर पर छापेमारी की लेकिन कुछ भी बरामद नहीं हुआ. जब उत्पाद विभाग की टीम ने घर की सघन तलाशी ली तो वहां पर चूहे का एक बिल दिखाई दिया. इस बिल को जब बड़ा किया गया तो उसको देखकर उत्पाद विभाग की टीम की आंखें फटी की फटी रह गईं.

दरअसल, वहां चूहे के बिल में कई बोतल विदेशी और महंगी शराब छिपा कर रखी गई थी. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घर के मालिक मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी के घर में बने चूहे के बिल से 375ml का 28 बोतल शराब और 180 ml का 23 बोतल विदेशी शराब जब्त किया गया है. बता दें कि गोपालगंज में हाल के दिनों में शराब की तस्करी बढ़ गई है. इसका कारण जिले की सीमा का यूपी से सटा होना है. इसको लेकर उत्पाद विभाग और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से स्पेशल ड्राइव चलाया जा रहा है. इसके पूर्व भी तत्कालीन डीएम अरशद अजीज और तत्कालीन एसपी मनोज कुमार तिवारी ने मांंझागढ़ में ही कार्रवाई की थी.

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