गुजरात में फंसे गरीब मजदूरों का बुरा हाल, कहा- या तो काम दो या घर जाने दो…

आज भी देश की बड़ी आबादी के सामने कोरोना से बड़ा सवाल भूख का है। मगर पिछले कुछ सालों से देश की सरकारों ने इस बारे में सोचना बंद कर दिया है। मौजूदा समय में सभी सरकारों को इस बारे में गम्भीरता से सोचना होगा, नहीं तो ऐसी घटनाएं लगातार होंगी। आज जो सूरत में हुआ कहीं भी हो सकता है…. हम कब तक और कितना राशन बांट पायेंगे… आज एक महीना होने को आया किसी भी सरकार ने ढंग से कोई मदद न की ठेकेदार भाग गया इनके पैसे लेकर, अब ये मजदूरी के लिये सडक पे न आयें तो क्या करें बेचारे????

लॉकडाउन के दाैरान गांव नहीं जा पा रहे 150 से ज्यादा श्रमिकों ने लसकाना में शुक्रवार रात को ब/वाल कर दिया। श्रमिक सड़क पर उतर आए। उनका यह कहना था कि अगर लॉक डाउन इसी तरह चलता रहा तो वह गुजारा कैसे कर पाएंगे। वे अपने गांव जाना चाहते हैं। श्रमिकों ने लगभग 5 सब्जी की लाॅरियों को अा/ग लगा दी। इसके अलावा टायर भी ज/लाए। एंबुलेंस में तो/ड़फो/ड़ की और राहगीरों की गाड़ियों को नु/कसान पहुंचाया। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और सभी श्रमिकों को वहां से भ/गा दिया। 30 से 35 श्रमिकों को पुलिस अपनी वैन में थाने ले गई। सभी श्रमिक ओडिशा के रहने वाले हैं। उन्हें सूरत से अपने गांव जाना है 21 दिन का लॉकडाउन होने के बाद उन्हें यह चिंता है कि यह अागे भी बढ़ेगा। अगर लाॅकडाउन बढ़ेगा तो वे कैसे रह पाएंगे। यहां उनके पास कोई सुविधा नहीं है।

लॉकडाउन के कारण खजोद ड्रीम सिटी प्रोजेक्ट डायमंड बुर्स के कंस्ट्रक्शन से जुड़े 4 हजार मजदूर फंस गए है। शुक्रवार को को वतन जाने की मांग के साथ मजदूरों ने हं/गामा किया। साथ ही आरोप लगाया उन्हें जीवन के लिए जरूरी वस्तुएं और सामान नहीं मिल रहा है। रोष से भरे श्रमिकों ने तो/ड़फो/ड़ भी की। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। कुछ दिन पहले पांडेसरा के वडोद गांव में श्रमिकों ने गांव जाने को लेकर हं/गामा किया था।

पकड़े गए लोगों में से एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस एचआर मुलियाना ने धर्मेंद्र नामक युवक से बात की जिसने अपनी सफाई में बताया कि उसने केवल अपने मोबाइल में प/त्थर मारी के वीडियो रिकॉर्ड किए थे उसके अलावा ना तो वह ना ही कोई भी साथी पुलिस के साथ झ/ड़प में शामिल था। सोशल डिस्टेंस मेनटेन रख लॉकअप के बाहर ही तीन लोगों को बुलाकर उनसे बात की गई। तीनों ने अपने बयान में बताया कि उनका इन सब में कोई हाथ नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस दो वैन भरकर लोगों को ले गई।

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