मास्टर जी का बेटा IAS अफसर, UPSC के लिए छोड़ा विदेश की नौकरी, IIT के बाद दो बार फेल, तीसरी बार में पास

दो बार फेल होकर आईएएस बने शिशिर, जानिए कैसे डिप्रेशन से उबर कर पाई सफलता : आज हम एक ऐसे युवा की कहानी लेकर आए हैं जो यूपीएससी की तैयारी करते हुए डिप्रेशन का शिकार हो गया. लेकिन हार नहीं मानी और डिप्रेशन को मात देकर आईएएस बना. यह कहानी है आईएएस शिशिर गुप्ता की.

शिशिर के पिता सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं. राजस्थान के जयपुर के रहने वाले शिशिर गुप्ता ने अपनी स्कूली शिक्षा जयपुर से ही पूरी की. इसके बाद जेईई मेंस पास किया और फिर जेईई एडवांस की परीक्षा देकर आईआईटी बांबे में एडमिशन लिया. आईआईटी बांबे से उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया. शिशिर को पढ़ाई के बाद अबू धाबी में काफी बड़े पैकेज पर नौकरी मिली. लेकिन मन में आईएएस अधिकारी बनने का सपना था इसलिए बाद में नौकरी छोड़ दी और आईएएस अधिकारी बनने के लिए तैयारी शुरू कर दी.

शिशिर ने 2016 में पहली बार यूपीएससी प्रिलिम्स परीक्षा दी और सफल हुए. हालांकि मुख्य परीक्षा के पहले ही बीमार हो गए. यही कारण था कि मेंस में पास नहीं हुए. दूसरे प्रयास में भी शिशिर ने सभी स्तरों को पास किया, लेकिन अंत में 6 नंबर से रह गए. बता दें कि 2 बार असफल होने के बाद शिशिर डिप्रेशन में चले गए. हालांकि जल्दी ही डिप्रेशन से उबर कर 50वीं रैंक के साथ आईएएस बनकर सफलता हासिल की.

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