​किसानों का ऐलान- हम मरेंगे या जीतेंगे, कोर्ट जाने से इंकार, कृषि बिल वापस नहीं लेगी मोदी सरकार

कृषि कानूनों के खिलाफ 44 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर जमे किसानों और सरकार के बीच शुक्रवार को 9वीं बैठक भी बेनतीजा रही। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक में आते ही कह दिया कि कानून रद्द करने पर बात नहीं होगी। यह सुनकर किसानों ने बात करने से ही इनकार कर दिया। बैठक के शुरुआती आधे घंटे तक मंत्री और अफसर आपस में चर्चा करते रहे, किसानों ने मौन धारण कर लिया। कृषि मंत्री ने किसानों को नए कानूनों के हर प्रावधान पर चर्चा करने को कहा, लेकिन किसान नहीं माने। दोनों पक्ष अड़े रहे। इसलिए 3 घंटे में ही बैठक को खत्म करना पड़ा। यह अब तक की सबसे छोटी बैठक रही।

बैठक से निकलने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- ‘अब हम आंदोलन तेज करेंगे। हम 26 जनवरी को राजपथ पर परेड करेंगे। इसके लिए आने वाले दिनों में कभी भी एक लाख ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में प्रवेश करेंगे।’ दूसरे किसान नेताओं ने कहा कि 22-23 जनवरी तक दिल्ली की सीमाओं पर किसानों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। दूसरी ओर, सरकार ने कहा कि बातचीत से ही समाधान होगा।

बैठक लाइव| ताेमर ने सुप्रीम कोर्ट जाने काे कहा, किसान संगठन बोले-हम नहीं जाएंगे, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक कर 2:30 बजे विज्ञान भवन पहुंचे। पीयूष गोयल भी साथ थे। तोमर: कानून रद्द नहीं कर सकते। चर्चा कर लें। जो पॉइंट निकलेंगे, संशोधन कर लेंगे। किसान नेता बलबीर राजेवाल (गुस्से में): यही कहने के लिए मीटिंग बुलाई थी? हमें कानून रद्द करने पर ही चर्चा करनी है।

तोमर: ऐसा करते हैं कि कानूनों को लागू करने का अधिकार राज्यों को दे देते हैं। किसान: अगर किसी राज्य को कानून बनाने ही हैं तो वे खुद भी बना सकते हैं। तोमर: आप मान नहीं रहे हैं तो सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। कोर्ट जो कहेगा, सब मान लेंगे। किसान : हम कोर्ट नहीं गए थे, न जाएंगे। बैठक में ब्रेक के दौरान किसान नेताओं ने ‘मरेंगे या जीतेंगे’ के बैनर दिखाए।

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