सुहागिनें पति की दीर्घायु के लिए आज रखेंगी हरतालिका तीज व्रत, ये है पूजन का शुभ मुहूर्त

हरितालिका तीज का व्रत शुक्रवार काे मनेगा। यह व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए रखा था। यह व्रत रखने से महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्योर्तिवेद विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. राजनाथ झा ने बताया कि स्कंद पुराण में तीज व्रत की कई कथाएं वर्णित हैं। इस दिन मां पार्वती और भगवान शिव के पूजन का विशेष महत्व है। तीज की पूजा प्रात: 9 बजे से पहले या 12 बजे दिन के बाद देर रात तक की जा सकती है। ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं। महिलाएं मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा करती हैं। इस कामना के साथ कि उनका दांपत्य जीवन भी शिव-गौरी की तरह आपसी प्रेम से सदैव बंधा रहे।

रोज ~50 करोड़ तक पहुंचा कपड़े का कारोबार
पटना | लॉकडाउन के बाद कपड़ा कारोबार अपनी गति पकड़ने लगा है। बाजार में एक बार फिर स्थिरता आने लगी है। तीज के कारणा भी राजधानी के थोक और खुदरा दुकानों में कपड़ों की बिक्री प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि, यह आम दिनों की तुलना में बेशक कम है, लेकिन बिक्री शुरू होने से कारोबारी उत्साहित हैं। ग्राहक डिजाइनर साड़ी, शेरवानी, लहंगा की मांग अधिक कर रहे हैं। लेडीज और मेंस वियर के साथ किड्स वियर की भी खूब बिक्री हो रही है। राजधानी के चुन्नीलाल मेगा मार्ट सहित अन्य शोरूम और दुकानों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते दिखे। ग्राहकों के लिए फ्रेश स्टॉक उपलब्ध है, आकर्षक ऑफर के 10 से 50 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। खरीदारी के दौरान कपड़ों को छूने में ग्राहकों को संकोच हो रहा है, पर कारोबारियों को स्थिति जल्द ही ठीक हो जाने की उम्मीद है। नवंबर दिसंबर के महीने तक कारोबार के और रफ्तार पकड़ने की संभावना जताई जा रही है। जब सगाई और शादियों को लेकर हर तरह के कपड़ों की बिक्री बढ़ जाएगी। व्यवसायियों की मानें तो पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत भी बिजनेस भी अच्छा माना जाएगा।

क्या करें, क्या नहीं करें
{इस व्रत काे एकबार प्रारंभ करने पर हर साल पूरे नियम से किया जाता है। महिलाएं एकत्रित होकर रतजगा और भजन कीर्तन करती हैं। महिलाएं इस दिन निर्जला रहती हैं। सुबह स्नान के बाद भगवान शिव-पार्वती की पूजा का महत्व है। इस दिन नई चूड़ियां, नए वस्त्र और मेहंदी का विशेष महत्व है। मेहंदी सुहाग का प्रतीक है। इसकी शीतल तासीर प्रेम और उमंग को संतुलित करती है। सुहागिन महिलाएं दुल्हन की तरह सजकर सोलहो शृंगार करती हैं और उनकी सास उपहार भेजकर आशीर्वाद देती हैं। इस दिन जो गलतियां हो जाती हैं उसकी सजा अगले जन्म में भोगना पड़ती है। इसलिए बेहद सावधानी रखनी पड़ती है। भविष्य पुराण में भी इसका उल्लेख मिलता है।

दुकानों में रख रहे सेहत की सुरक्षा का पूरा ख्याल
दुकानों में आने वाले ग्राहकों के हाथों को सेनेटाइज कर प्रवेश दिया जाता है। थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही कुछ दुकानों में डिस्पोजेबल मास्क की व्यवस्था की गई है। इस महीने तीज को लेकर अच्छी बिक्री होने लगी है। आने वाले त्योहारों में भी कपड़ा व्यवसाय के रफ्तार पकड़ते हुए और बेहतर करने की उम्मीद है। नवंबर-दिसंबर के लगन को ध्यान में रखकर अभी से तैयारी की जा रही है। – नागेश्वर अग्रवाल, संस्थापक, चुन्नीलाल मेगा मार्ट

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