दो साल के बच्चे की IAS मां की कहानी, बिना कोचिंग पढ़े बनी डीएम, मिला आल इंडिया 80 रैंक

2 साल के बच्चे को संभालते हुए बिना कोचिंग के IAS अफसर बनी पुष्पलता, जाने पूरी कहानी : देश की सबसे मुश्किल परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग हैं। हर साल लाखों लोग इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं मगर केवल 1000 आवेदकों का ही इसमें चयन होता है। परीक्षार्थी कड़ी मेहनत करता है इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए। कई सफल परीक्षार्थियों की तरह 2018 की UPSC परीक्षा में 80वी रैंक हासिल कर उत्तीर्ण होने वाली पुष्पलता (IAS Pushplata) भी हैं।

पुष्पलता ने IAS की परीक्षा को उन स्थितियों में उत्तीर्ण किया जब उनके पास कई अहम जिम्मेदारियाँ थी जैसे अपने 2 साल के बेटे की देखभाल करते हुए उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी की और यह मुकाम हासिल किया। आइए जानते हैं उनके IAS बनने तक के सफल सफ़र की कहानी।

IAS पुष्पलता हैदराबाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की असिस्टेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत थी। जॉब के दौरान उन्हें यह एहसास हुआ कि वह नौकरी नहीं बल्कि समाज के लिए कुछ करना चाहती है कुछ बनना चाहती हैं इसीलिए उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का फ़ैसला किया लेकिन उन्होंने जब तैयारी पर ग़ौर किया तो उन्हें यह काफ़ी कठिन लगा परंतु फिर भी उन्होंने तैयारी की और मुकाम को हासिल किया।

2015 में दिया नौकरी से इस्तीफा : मीडिया के साथ एक इंटरव्यू के दौरान पुष्प लता ने बताया कि उन्होंने साल 2015 में अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि मैं UPSC की परीक्षा को अच्छे से पास करना चाहती थी इसलिए उन्होंने दिन-रात पढ़ाई कर मेहनत करना शुरू कर दिया। वह आर्थिक रूप से कोचिंग का ख़र्चा उठाने में सक्षम नहीं थी इसीलिए उन्होंने सेल्फ स्टडी करके ही UPSC परीक्षा का सफ़र तय किया।

2 साल के बेटे की देखभाल : पुष्प लता आगे बताती हैं कि सेल्फ स्टडी करना इतना आसान नहीं था क्योंकि वह एक माँ थी और उनका एक 2 साल का बेटा था। पुष्प लता को उनके बेटे की देखभाल भी करनी होती थी इसीलिए स्टडी करना थोड़ा मुश्किल था परंतु फिर भी उन्होंने निरंतर प्रयास किया और इस परीक्षा के तैयारी में लगी रही।

पहले प्रयास में मिली असफलता : पुष्प लता ने वर्ष 2017 में पहली बार UPSC IAS की परीक्षा दी किंतु वह सात नंबरों से इस परीक्षा को पास ना कर सके इस असफलता के बाद भी उन्होंने आस नहीं छोड़ी और मैं निरंतर प्रयास करते रहे आगे पुष्प लता बताती है उसकी इस दौरान उन्हें फैमिली सपोर्ट भी मिलना बंद हो गया था।

2018 में पाई 80वीं रैंक, : पुष्पलता बताती है कि लंबे प्रयास के बाद उन्हें सफलता प्राप्त नहीं हुई और परिवार की उम्मीद भी ख़त्म हो गई थी किन्तु पुष्पलता के अथक प्रयास और विश्वास से उन्होंने 2018 में इस परीक्षा को पास किया और उन्हें 80वीं रैंक प्राप्त हुई। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया और आज वह IAS के पद पर तैनात हैं।

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