BPSC पर्चा लीक मामले में बोले IAS रंजीत कुमार, मैंने अपना फर्जी निभाया, मुझे फंसाया जा रहा है

IAS रणजीत कुमार पर यह आरोप है कि इनके व्हाट्सएप से प्रश्न पत्र भेजा गया। इस प्रकरण में ध्यान देने योग्य बिंदु। 1 प्रश्न पत्र रणजीत कुमार के पर्सनल व्हाट्सएप पर आया था या फिर किसी ग्रुप में। 2 रणजीत कुमार के व्हाट्सएप पर कितने बजे मेसेज भेजा गया और इन्होंने कितने बजे देखा। 3 मेसेज देखने के किसे फारवर्ड किया। बीपीएससी के अधिकारी को या किसी अन्य को। 4 बताया जा रहा है कि बीपीएससी के अधिकारी को फॉरवर्ड किया था। ऐसा किया है तो कोई गलत नही किया है। यह इनका दायित्व था। 5 सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि बीपीएससी के अधिकारी को मैसेज फारवर्ड करते वक़्त अपनी ओर नोट में क्या लिखा।

लीक के पीछे संगठित गिरोह, FIR में एक आईएएस का फोन नंबर, जिससे पेपर BPSC परीक्षा नियंत्रक को भेजा
बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह है। मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई भी मान रही है कि गिरोह द्वारा सुनियोजित तरीके से छलपूर्वक लाभान्वित व आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए ऐसा किया गया है। आर्थिक अपराध ईकाई ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में दो मोबाइल नंबरों का जिक्र किया है। इनमें एक नंबर बिहार के आईएएस अधिकारी व पंचायती राज विभाग के निदेशक रंजीत कुमार और दूसरा नंबर बीपीएसपी के परीक्षा नियंत्रक अमरेन्द्र कुमार का बताया जा रहा है। आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी भास्कर रंजन की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में प्रश्न पत्र लीक मामले से जुड़ी घटना के साथ ही यह कहा गया है कि सत्यापन के क्रम में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रश्न पत्र लीक होने तथा इसके वायरल होने से संबंधित विभिन्न पोस्टों की जांच एवं छानबीन की गई। इसी क्रम में यह पता चाला कि आयोग के परीक्षा नियंत्रक को भी प्रश्न पत्र की प्रति उनके मोबाइल नंबर 9472276281 पर किसी व्यक्ति द्वारा मो. नंबर 9472343001 से उन्हें 8 मई 2022 को 11.43 बजे पूर्वाहन में भेजा गया है।

अब निजी कॉलेज में नहीं होगी बीपीएससी परीक्षा
पटना। अब बीपीएससी की कोई भी परीक्षा निजी कॉलेजों में आयोजित नहीं की जाएगी। निजी कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। इस सबंध में बीपीएससी ने बुधवार को सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। यह भी कहा गया कि परीक्षा में स्वच्छ छवि वाले को ही मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त करेंगे।

आईएएस से इस मामले में ईओयू कर सकती है पूछताछ
ईओयू की प्राथमिकी में जिस व्यक्ति के मोबाइल नंबर का जिक्र किया गया है वह आईएएस अधिकारी का है। इस बाबत आईएएस अधिकारी रंजीत कुमार ने कहा कि उनके पास ग्रुप में प्रश्न पत्र आया था। एक जिम्मेदार अधिकारी के नाते मैंने उसे बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक को भेज दिया। ईओयू सूत्रों की मानें तो इस मामले में आईएएस से जानकारी ली जाएगी।

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