भारत की बहू बनेगी पाकिस्तान की बेटी, दूल्हे की मां ने कहा मुझे बिटिया मिली है बहू नहीं

पाकिस्तानी लड़की जावेरिया खान अपने पांच साल पुराने प्यार से शादी करने भारत आई है. वह कोलकाता में रहने वाले अपने प्रेमी समीर खान से शादी करेगी. कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए समीर खान की मां ने कहा, जब मेरे बेटे ने कहा कि वह इस लड़की से शादी करना चाहता है तो मैंने उससे कहा, ऐसा तो मुमकिन ही नहीं है क्योंकि ये गैर मुल्क का मामला है. उन्होंने आगे कहा, फिर हमने परिवार के लोगों से मुलाकात की और फिर मुझे बहु नहीं बेटी मिल गई.

पाकिस्‍तान की जावेरिया खानम अपने प्रेमी समीर खान से शादी करने के लिए 45 दिनों का वीजा लेकर भारत आई और मंगलवार को वाघा-अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहुंची थीं जहां समीर ने उनका जोरदार स्‍वागत किया. फूलों की बौछार और ढोल- नगाड़ों के साथ पहुंचे समीर ने बताया कि इसके बाद वे अमृतसर से कोलकाता की फ्लाइट लेंगे. दरअसल यह प्रेम कहानी किसी बॉलीवुड फिल्‍मी स्‍टोरी से कम नहीं है.

पाकिस्तान के कराची की रहने वाली जावेरिया खानम ने मीडिया को बताया कि उन्होंने भारत आने के लिए लगातार प्रयास किए. लेकिन अधिकारियों ने उनके दो वीज़ा आवेदन खारिज कर दिए. कोविड महामारी के कारण भारत तक आने में उन्‍हें पांच साल लग गए. जावेरिया ने कहा, “मुझे 45 दिनों का वीजा दिया गया है. मैं यहां आकर बहुत खुश हूं. जब से मैं यहां आई हूं मुझे पहले से ही बहुत प्यार मिल रहा है. जनवरी के पहले हफ्ते में हमारी शादी होगी. मैं विश्वास नहीं हो रहा कि मुझे पांच साल बाद वीजा मिल गया. यह एक सुखद अंत और एक सुखद शुरुआत है. हमारे घर में हर कोई बहुत खुश है.”

मैंने अपनी मां के फोन पर उसकी तस्वीर देखी थी…
पाकिस्तानी लड़की से अपनी शादी के बारे में कोलकाता के समीर खान ने कहा, ”मैं पढ़ाई के लिए जर्मनी में था. फिर मैं 2018 में घर वापस आ गया. हम एक-दूसरे को 2018 से जानते हैं. मैंने अपनी मां के फोन पर उसकी तस्वीर देखी थी और मैंने अपनी मां से कहा कि मैं उससे शादी करूंगा. इसलिए छह साल तक एक-दूसरे को जानने के बाद हम शादी कर रहे हैं.”

वीजा के लिए भारत सरकार को धन्‍यवाद
एक होम्योपैथी डॉक्टर की बेटी जावेरिया खानम ने कहा, ‘चूंकि यह शादी है इसलिए दोनों परिवार के लोग इस अवसर पर शामिल होना चाहते हैं. मेरे घर पर मेरे पिता, मां और हम चार भाई-बहन हैं. मेरे रिश्ते के दौरान वे हमेशा सोचते थे कि मैं उनसे कैसे मिलूंगी.’ चूंकि भारत और पाकिस्तान के बीच वीज़ा प्राप्त करने की प्रक्रिया कानूनी रूप से बहुत कठिन है, इसलिए दो बार अस्वीकृति के बाद अंततः मुझे 45 दिनों के लिए वीज़ा मिल गया. उन्होंने कहा, ‘वीजा के लिए मैं भारत सरकार को धन्यवाद देती हूं.’

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