हॉकी में भारत का स्वर्ण पदक का सपना टूटा, टक्कर की मैच में बेल्जियम से सेमीफाइनल में मिली हार,

करोड़ों आंखें मंगलवार सुबह टकटकी लगाए 60 मिनट का खेल देख रही थीं। कुछ दिन पहले ही, इन आंखों ने दशकों बाद एक सपना देखा था। सपना फील्‍ड हॉकी में पदक जीतने का,भारतीय पुरुष हॉकी टीम 41 साल बाद सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। जीतते तो ओलिंपिक में भारत का एक और पदक पक्‍का हो जाता। लेकिन भारतीय पुरुष हॉकी टीम का टोक्यो ओलंपिक के फाइनल का सपना टूट गया है। विश्व की नंबर एक टीम बेल्जियम ने आज सुबह खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम को 5-2 से हराकर खिताबी मुकाबले के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है।

बेल्जियम की जीत में एलेक्जेंडर हेंडरिक्स की बेहद अहम भूमिका रही जिन्होंने तीन गोल दागे। हेंडरिक्स इस ओलंपिक में अब तक 14 गोल कर चुके हैं। वहीं, भारत की ओर से सेमीफाइनल में हरमनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह ने एक-एक गोल किया। इस तरह चार दशक बाद ओलंपिक का फाइनल खेलने का भारतीय सपना टूट गया।भारतीय पुरुष टीम 49 साल बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची थी। अब टीम से कांस्य पदक की उम्मीद है। भारतीय टीम अब कांस्य पदक के लिए ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल में पराजित होने वाली टीम से खेलेगी।

सेमीफाइनल की बात करें तो दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले ही क्वॉर्टर में दोनों टीमों की ओर से गोल हुए। मैच के शुरू होते ही दूसरे मिनट में मिले एक पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए बेल्जियम ने गोल का खाता खोला। हालांकि उसकी ये बढ़त ज्यादा देर तर नहीं रही। भारत ने जवाबी हमला करते हुए 7वें मिनट में वीडियो रेफरल की मांग की और उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला। भारत के हरमनप्रीत सिंह ने इस पर गोल कर टीम को बराबरी दिला दी। भारतीय टीम यहीं नहीं रूकी और अगले ही मिनट मनदीप ने गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया।

भारत पहले 15 मिनट के खेल के बाद 2-1 से आगे था। फिर दूसरे क्वॉर्टर में खेल के 19वें मिनट में बेल्जियम को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला इस बार एलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने गोल दाग कर स्कोर को 2-2 से बराबर कर दिया। तीसरे क्वॉर्टर में कोई टीम गोल नहीं कर सकी। चौथे क्वॉर्टर में बेल्जियम ने अपना दबदबा मैच पर पूरी तरह से कायम कर लिया। बेल्जियम को 49वें मिनट में एक के बाद एक तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले और हेंडरिक्स ने गोल कर यहां अपनी टीम के 3-2 से आगे कर दिया। इसके बाद खेल के 52वें और 53वें मिनट में बेल्जियम को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय खिलाड़ीयों ने यहां गोल करने से बेल्जियम को रोक लिया।

इसी दौरान 53वें मिनट में एक वीडियो रेफरल के बाद बेल्जियम को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और एक बार फिर हेंडरिक्स ने गोल कर टीम को 4-2 से आगे कर दिया। इसके बाद आखिरी मिनटों में भारत ने गोलकीपर के बगैर खेलने का फैसला किया और इसका फायदा उठाते हुए 60वें मिनट में बेल्जियम की ओर से जॉन डोहमेन ने गोल कर 5-2 की जीत पक्की कर दी। बता दें ओलंपिक खेलों के इतिहास में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के नाम आठ स्वर्ण पदक हैं। भारत ने हॉकी का आखिरी पदक 1980 मॉस्को खेलों में जीता था।

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