न्यू इंडिया में भारत का जीडीपी ग्रोथ घटकर 5 प्रतिशत पर आ गई है

इस तस्वीर को देखिए और मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन की बाते सुनिए। मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ घटकर 5 प्रतिशत पर आ गई है यह पिछले साढ़े छह सालों में जीडीपी ग्रोथ का सबसे निचला स्तर है लेकिन देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन आर्थिक सुस्ती के बावजूद 5 प्रतिशत की ग्रोथ रेट को अच्छा बता रहे है उनका कहना है कि “हम जिन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि हम मंदी के दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए हमें इस बात को लेकर सतर्क रहना है कि हम क्या बोल रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था की हालत खराब है, लेकिन इसके बावजूद हम पांच फीसदी की दर से आगे बढ़ रहे हैं।” वाह साहेब वाह। छांट छांट के नमूने भरे है आपने।

विकास दर गिरकर 5 फीसदी पर पहुंची, साढ़े 6 साल में सबसे कम : मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर घटकर 5% रह गई है। यह पिछली तिमाही में 5.8% थी, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 8% था। सबसे ज्यादा 95% की गिरावट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई है। मैन्युफैक्चरिंग समेत 75% नौकरियां देने वाले रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन और एग्रीकल्चर सेक्टर में भी गिरावट दर्ज हुई है। जीडीपी की यह ग्रोथ पिछले साढ़े 6 साल में सबसे कम है। इससे पहले 2013 की जनवरी-मार्च तिमाही में विकास दर 4.3% थी। विकास दर में 18 महीने से लगातार गिरावट जारी है। इससे पहले ऐसे हालात 2006 में बने थे ।पिछले महीने जुलाई में सरकार द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वे में जीडीपी के 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। जबकि, आरबीआई 6.9% रहने की बात कर रहा था। दूसरी ओर, मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमणियन ने कहा है कि विकास दर में कमी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों के चलते आई है। सरकार लगातार सुधार की कोशिश कर रही है। जल्द ही हालात में सुधार देखा जा सकेगा।

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