अंशुल सिंह की हिम्मत को सलाम, पहले बनी इंस्पेक्टर फिर UPSC पास कर बनी IPS

कड़ी मेहनत कर अंशुल सिंह बनी आईपीएस अधिकारी, चार प्रयास में हाथ लगी थी निराशा : अंशुल सिंह को कामयाबी पांचवीं कोशिश में हासिल हुई है. तीसरी कोशिश में वह इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन मामूली नंबर से उन्हें बाहर होना पड़ा था. साल 2018 के यूपी पीसीएस में भी उन्हें कामयाबी मिली थी. उनकी नियुक्ति सीटीओ यानी कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर के तौर पर प्रयागराज में हुई थी.

आईपीएस अधिकारी अंशुल सिंह की शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज से हुई. यहां स्थित बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में उन्होंने ग्रेजुएशन के लिए दाखिला लिया। ग्रेजुएशन पूर्ण होने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन भी उन्होंने यहां से ही किया. अंशुल की शुरुआत से देश सेवा करने की इच्छा थी लेकिन उनकी राह आसान नहीं थी. उन्हें यूपीएससी परीक्षा में पांचवीं बार में सफलता मिली. जबकि तीसरे प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंच गई थीं. लेकिन उनका चयन नहीं हो सका था. वर्ष 2018 में उन्होंने यूपी पीसीएस एग्जाम में सफलता प्राप्त की. जिसके बाद उनकी नियुक्ति कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के रूप में हुई.

पांचवें प्रयास में अंशुल सिंह को यूपीएससी एग्जाम में 435 वीं रैंक प्राप्त हुई. अंशुल अपनी सफलता का श्रेय माता -पिता को देती हैं. उनके पिता पीसीएस अधिकारी हैं. जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. इसके अलावा उनकी बड़ी बहन डाक्टर हैं. अंशुल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व उनमें और आत्मविश्वास पैदा करना चाहती हैं. वह कहती हैं कि यदि अच्छे से मेहनत और पूरी ईमानदारी के साथ तैयारी की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है.

अंशुल अपनी सफलता का श्रेय अपने माता -पिता के साथ ही परिवार के बाकी सदस्यों को देती हैं. अंशुल के पिता भी पीसीएस अफसर हैं. उनकी मां सरोज सिंह गृहिणी हैं तो बड़ी बहन भूमिका सिंह डाक्टर हैं.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *