अभी-अभी: अमरनाथ यात्रा में भक्तों पर आ’तंकियों का साया, बाधा बने अलगाववादी…रोकी गई यात्रा

PATNA: अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए रोक दी गई है। ऐसा अलगाववादियों के बंद की वजह से किया गया। जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के बंद का असर अमरनाथ यात्रा पर देखने को मिला है। अब एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा का जत्था आगे नहीं जा सकेगा। 

1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरूआत हो चुकी है। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्राद्धालू हिस्सा ले रहे है और कई श्रद्धालू जम्मू कश्मीर के रास्ते इस यात्रा का सफर पूरा कर रहे है लेकिन अलगाववादियों की वजह ये अब इस यात्रा में भी अड़चने पैदा हो रही है। 13 जुलाई यानी की शनिवार को अलगाववादियों ने घाटी में एक दिन के बंद का ऐलान किया है।अलगाववादियों के बंद को देखते हुए सुरक्षा बल अलर्ट पर है।

घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा में तैनात जवान चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को जम्मू से 5,395 श्रद्धालुओं का एक और जत्था रवाना हुआ। इस साल एक जुलाई से यात्रा शुरू होने के बाद से 12 जुलाई तक 1।44 लाख से अधिक श्रद्धालु समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित बाबा बफार्नी के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि एक जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 11 दिनों में 1,44,058 श्रद्धालुओं ने पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर लिए हैं।

श्रद्धालुओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बर्फ की विशाल संरचना बनती है जो भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है। तीर्थयात्री पवित्र गुफा तक जाने के लिए या तो अपेक्षाकृत छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से जाते हैं या 45 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से जाते हैं। दोनों आधार शिविरों पर हालांकि तीर्थ यात्रियों के लिए हैलीकॉप्टर की सेवाएं हैं।

इससे पहले 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर आ’तंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादियों ने विरोध प्रदर्शन के कारण अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के जत्थे को रवाना होने से रोका गया था। बता दें कि आतंकी बुरहान वानी अपने दो साथियों के साथ 8 जुलाई, 2016 को अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया था।

 

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