दारोगा ने सालों अपने सैलरी अकाउंट से पैसा ही नहीं निकाला, खरीद ली एक करोड़ की जमीन

Patna : प्रमोटी आईपीएस राकेश दुबे के बाद इंस्पेक्टर संजय प्रसाद बिहार पुलिस की कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आये हैं। दोनों में एक समानता है। दोनों अपने वेतन का एक टका भी नहीं छूते थे। यानी सैलरी अकाउंट से पैसा न निकालते थे, न खर्च करते थे।


आपके और हमारे रोजमर्रा के खर्च देखें तो आप खुद ही आकलन कर सकते हैं कि वे दिनभर अपने खर्चों और संपत्ति के लिये क्या करते होंगे। निश्चित ही आम लोगों को लूटते होंगे, सरकारी संपदा की चोरी करा कर कमीशन खाते होंगे… वगैरह, वगैरह।
बहरहाल संजय प्रसाद पर इकॉनामिक ऑफेन्स यूनिट के छापे ने उनकी सारी कारगुजारियों को उजागर कर दिया है।

ईओयू ने मंगलवार को अवैध बालू खनन के मामले में आरोपी डोरीगंज थाने के तत्कालीन एसएचओ संजय प्रसाद के परिसरों में छापेमारी कर लाखों की चल-अचल संपत्ति का खुलासा किया। संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किये। ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंस्पेक्टर संजय प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज कर यह कार्रवाई की है।
अवैध बालू खनन के मामले में ईओयू की यह सातवीं कार्रवाई है। ईओयू ने मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर में संजय प्रसाद के किराये के फ्लैट और बेतिया के सम्होटा में उनके पैतृक घर पर छापा मारा।


यह कार्रवाई संजय प्रसाद के खिलाफ 25 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिये की गई है, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोत से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। संजय प्रसाद फिलहाल निलंबित हैं और उनका मुख्यालय डीआईजी मुंगेर का कार्यालय है।
मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना के छपरा लोदी माडीपुर में 1725 वर्ग फुट जमीन। इसकी मार्केट वैल्यू ही करीब एक करोड़ रुपये है।
इसके अलावा बैंक में 7.10 लाख नकद, जीवन बीमा में 11.24 लाख का निवेश, जमीन की रजिस्ट्री में खर्च हुये 71 लाख के दस्तावेज बरामद हुये हैं। मुजफ्फरपुर में किराये के फ्लैट से 2.30 लाख नकद बरामद हुये हैं।


उन पर आरोप है कि पोस्टिंग के स्थान पर वह स्थानीय लोगों को पैसे देकर उनके खाते से अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करता था।
मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के छपरा लोदी मादीपुर में संजय प्रसाद ने अपनी पत्नी के नाम 1725 वर्ग फुट जमीन खरीदी है। मुजफ्फरपुर में उनके किराये के फ्लैट से जमीन के पंजीकरण में खर्च किये गये कुल 71 लाख रुपये से संबंधित दस्तावेज जब्त किये गये हैं।


संजय प्रसाद 2009 बैच के सीधे तौर पर नियुक्त सब इंस्पेक्टर हैं। अनुमान है कि उन्हें वेतन मद में करीब 60 लाख रुपये मिलेंगे। उनका पुश्तैनी आवास बेतिया के सम्होता में है। ईओयू के अनुसार, संजय प्रसाद ने न केवल अपने बैंक खाते में पोस्टिंग के स्थान से नकद अपने अकाउंट में लिया, बल्कि मई 2015 और अक्टूबर 2017 के बीच अपने वेतन खाते से 1 रुपया भी नहीं निकाला।

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