8 जुलाई को विवाह का अंतिम लग्न, टोटल 19 दिनों तक लगातार बजेगी शहनाई, 4 नवम्बर तक नहीं होगी शादी

जून-जुलाई में 19 वैवाहिक लग्न, इसके बाद 4 नवंबर तक नहीं होंगे शुभ कार्य, चार माह बाद श्रीहरि निद्रा से जागृत होंगे तब देवोत्थान एकादशी के बाद से फिर बजेगी शहनाई, 24 नवंबर से 16 दिसंबर तक 12 लग्न, मिथिला पंचांग : {जून: 1, 5, 6, 9, 10, 13, 19, 22, 23, 24, 26 {जुलाई : 3, 4, 6, 8, बनारसी पंचांग : {जून: 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 21, 22, 27, {नवंबर : 24, 25, 26 {दिसंबर : 2, 3, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16

भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के सदस्य आचार्य राकेश झा के अनुसार शास्त्रों में शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना महत्वपूर्ण होता है। वैवाहिक बंधन को सबसे पवित्र रिश्ता माना गया है। इसलिए इसमें शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी के शुभ योग के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है। रवि-गुरु का संयोग सिद्धिदायक व शुभ फलदायी होते हैं।

पटना | होली के बाद से शादियों का सीजन चरम पर है। कोरोना काल में दो साल बाद इसबार बड़े पैमाने पर शादियां हुई हैं। अभी शादियों का सिलसिला जारी है। इस प्रचंड गर्मी में भी बैंड, बाजा और बारात सड़कों पर दिख रही है। अभी जून और जुलाई को मिलाकर 19 शुभ लग्न मुहूर्त हैं। इसके बाद फिर चार महीने के बाद 4 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के बाद से लग्न शुरू होंगे। बनारसी पंचांग के अनुसार 24 नवंबर से 16 दिसंबर तक 12 लग्न हैं। इसके बाद अगले वर्ष 14 जनवरी के बाद वैवाहिक मुहूर्त शुरू होगा। इस वर्ष 10 जुलाई दिन रविवार को आषाढ़ शुक्ल देवशयनी एकादशी से वैवाहिक और अन्य सभी शुभ कार्य पर पाबंदी लग जाएगी। फिर 4 नवंबर को कार्तिक शुक्ल देवोत्थान एकादशी को चार माह बाद श्रीहरि निंद्रा से जागृत होंगे। तब मांगलिक कार्य शुरू होंगे।

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