मिथिला के लाल और पूर्व CM कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न, राष्ट्रपति का ऐलान, बिहार के पांच लोगों को मिल चुका है सम्मान

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति कार्यालय ने मंगलवार को ये जानकारी दी। कर्पूरी ठाकुर की बुधवार को 100वीं जयंती से ठीक पहले ये घोषणा हुई है।

कर्पूरी ठाकुर 1952 में सोशलिस्ट पार्टी की ओर से ताजपुर विधानसभा से विधायक बने और कभी विधानसभा का चुनाव नहीं हारे। दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इससे पहले शिक्षा मंत्री और उप- मुख्यमंत्री भी थे। कर्पूरी ठाकुर पहली बार दिसंबर 1970 से जून 1971 तक मुख्यमंत्री रहे। दूसरी बार दिसंबर 1977 से अप्रैल 1979 तक मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके नाम पर पिछड़े इलाकों में स्कूल-कॉलेज खोले गए। पिछड़ों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के लिए भी उन्होंने खूब काम किया था।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि भारत सरकार ने महान जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

बिहार से पांचवें व्यक्ति को सम्मान

कर्पूरी ठाकुर भारत रत्न पाने वाले बिहार की पांचवीं शख्सियत हैं। इससे पहले डॉ. विधानचंद्र राय, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण और बिस्मिल्लाह खान भारत रत्न से नवाजे जा चुके हैं। इन विभूतियों को मरणोपरांत भारत रत्न मिले हैं।

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