किसानों का आंदोलन होगा अब और तेज, पंजाब-हरियाणा से और अन्नदाता आज करेंगे दिल्ली कूच

कृषि कानूनों के विरोध में 7 दिन से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों को मनाने की सरकार की कोशिश मंगलवार को नाकाम रही। सरकार के साथ 35 किसान संगठनों की 3 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही। मीटिंग में सरकार कानूनों पर प्रजेंटेशन दिखाकर फायदे गिनवाती रही, लेकिन किसान तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने इतना तक कह दिया कि हम कुछ तो हासिल करेंगे, भले गोली हो या फिर शांतिपूर्ण हल।

मीटिंग में सरकार की तरफ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के अलावा रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोमप्रकाश मौजूद रहे। तीनों आज गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। किसानों के साथ सरकार 3 दिसंबर को फिर मीटिंग करेगी।

किसानों के आंदोलन को देखते हुए नॉर्दन रेलवे ने अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन (09613) को आज रद्द कर दिया है। गुरूवार को अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन (09612) और अमृतसर-डिब्रूगढ़ स्पेशल ट्रेन (05212) रद्द रहेगी। भटिंडा-वाराणसी एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन (04998/04997) अगले आदेश तक कैंसिल रहेगी।
नांदेड-अमृतसर एक्सप्रेस (02715) आज दिल्ली तक और बांद्रा-अमृतसर एक्सप्रेस (02925) चंडीगढ़ तक ही चलेगी। अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस (04650/74) और दुर्ग-जम्मू तवी (08215) एक्सप्रेस का रूट डायवर्ट किया गया है।महाराष्ट्र के किसान संगठनों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि सरकार 3 दिसंबर तक कृषि कानूनों से जुड़ी चिंताएं दूर करे। ऐसा नहीं हुआ तो वे दिल्ली कूच करेंगे।

आंदोलन के लिए पंजाब के घर-घर से दिया जा रहा आटा, चावल और घी
भूखे पेट फौज जंग नहीं लड़ सकती। इस बात को पंजाब के किसानों से बेहतर कोई नहीं जानता। दो महीने पंजाब और अब सात दिन से दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसानों को खाने की दिक्कत न हो, इसके लिए पूरे पंजाब में हर किसान परिवार योगदान दे रहा है। पंजाब में लगे ज्यादातर पक्के धरने इन दिनों कलेक्शन सेंटर में बदल दिए गए हैं। जहां 70 साल के बुजुर्गों से महिलाएं तक सिर पर आटा, चावल, दाल की बोरियां लादकर पहुंच रहे हैं। हर घर से आटा, दाल, घी, फल, सब्जियां और दूध आदि पहले कलेक्शन सेंटर और फिर वहां दिल्ली पहुंचाया जा रहा है।

किसान जत्थेबंदियों ने गांवों में टीमें बनाई हैं जो यकीनी बनाती हैं कि दिल्ली तक राशन की सप्लाई की चेन टूटने न पाए। दिल्ली कूच से पहले ही किसान जत्थेबंदियों ने साफ कर दिया था कि 26-27 नवंबर को चार महीने का राशन अपने साथ लेकर निकलेंगे। गांवों से रोजाना सामान इकट्ठा किया जा रहा है और जरूरत के मुताबिक धरनास्थल तक पहुंचाया जा रहा है। किसान अपने स्तर पर भी सामान लेकर पहुंच रहे हैं।

20 किलो अचार लेकर कलेक्शन सेंटर पहुंचीं बुजुर्ग : रोपड़ में लोगों से 2 लाख का चंदा जुटाकर किसानों के लिए सामान भेजा गया। वहीं, 20 किलो अचार का डिब्बा उठाए कलेक्शन सेंटर पहुंची बुजुर्ग महिला ने कहा कि आगे भी सामान पहुंचाती रहेंगी।

होशियारपुर से खाद्य सामग्री से भरा ट्रक भेजा गया : होशियारपुर के गांव राजपुर भाइयां से खाने-पीने के सामान के अलावा, कपड़े, कंबल, डिस्पोजल भेजे जा रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि जब तक आंदोलन चलेगा, किसी चीज की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

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