BJP सरकार का तोहफा, आज शुरू होगी किसानों की सबसे बड़ी स्कीम, हर किसान को मिलेंगे 25-25 हजार

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना शुक्रवार को देश भर में शुरू हो गई है. इसके बाद बीजेपी शासित राज्य झारखंड (Jharkhand) आज शनिवार को किसानों के लिए सबसे बड़ी स्कीम शुरू करने जा रहा है. यहां अब पांच एकड़ तक की खेती वाले हर किसान को सालाना 25 हजार रुपये मिलेंगे. यह रकम पीएम-किसान सम्मान निधि स्कीम (PM-kisan Samman Nidhi Scheme) से अलग होगी. इसके तहत पहले से ही 6000 रुपये मिल रहे हैं. उसे जोड़कर 31 हजार रुपये की सरकारी सहायता सीधे हर किसान (Farmer) के बैंक अकाउंट में आएगी. किसानों को इतनी बड़ी नगद सहायता अभी तक कोई नहीं दे रहा. इसका नाम है मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (Mukhyamantri Krishi Ashirwad Yojana), जिसकी शुरुआत रांची स्थित हरमू मैदान में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करेंगे.

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक झारखंड में प्रति किसान औसत मासिक आय सिर्फ 4721 रुपये है, जो राष्ट्रीय औसत 6426 से काफी कम है. कृषि से जुड़े जानकारों का कहना है कि इसीलिए राज्य सरकार यहां पर इतनी बड़ी स्कीम लेकर आई है. दूसरी ओर राजनीति विश्लेषक बताते हैं कि इसी साल विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) है. इसलिए झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने सबसे बड़ी योजना का दांव चल दिया है. यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है. ताकि किसानों की नाराजगी न झेलनी पड़े.

इसकी शुरुआत राज्य के सभी जिलों में एक साथ होगी. इसके तहत करीब 35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ रुपए की सीधी मदद मिलेगी. पहले चरण में करीब 15 लाख अन्नदाताओं को इससे मदद मिलेगी. राज्य सरकार की कोशिश यह है कि किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक आदि के लिए कर्ज न लेना पड़े. इस दांव से चुनावी मुहाने पर खड़े अन्य राज्यों पर भी किसानों के लिए कुछ बड़ा एलान करने का दबाव पड़ेगा.

एक एकड़ तक जमीन वाले किसान को सालाना 5 हजार रुपए, 2 एकड़ वाले को 10 हजार, 3 एकड़ पर 15 हजार, 4 एकड़ पर 20 और 5 एकड़ पर 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी. यह पैसा दो किस्तों में मिलेगा. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम का 6000 रुपया इससे अलग होगा. किसी राज्य सरकार की ओर से किसानों को पहली बार इतनी बड़ी रकम सीधे दी जा रही है. कृषकों को नगद पैसे देने की शुरुआत तेलंगाना से हुई थी.

सिर्फ राज्य के मूल निवासियों छोटे व सीमांत किसानों के लिए ही है. यानी दूसरे राज्य से यहां आकर जमीन खरीदने वालों को लाभ नहीं मिलेगा. कृषि विभाग या कलेक्ट्रेड से फार्म लेकर उसमें खेत के कागजात लगाने होंगे. साथ ही बताना होगा कि आवेदन करने वाला व्यक्ति ही खेत का मालिक है. बैंक अकाउंट नंबर देना होगा. अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए. ऐसा न करने पर आवेदक लाभ से वंचित हो जाएगा. किसान कार्ड और राशन कार्ड भी लगेगा.

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