किशनगंज थानाध्यक्ष की मॉब लिंचिग मामले में सगे भाई और मां समेत तीन गिरफ्तार

PATNA : पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा पर स्थित बिहार के किशनगंज जिले के थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों में फिरोज आलम, उसका भाई अबुजार आलम और इनकी मां सहीनुर खातुन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक फिरोज इस घटना का मुख्य अभियुक्त है।

बाइक लूट के मामले में अपराधियों को गिरफ्तार करने पश्चिम बंगाल गए किशनगंज टाउन थाना अध्यक्ष अश्वनी कुमार की ग्रामीणों ने पीट कर हत्या कर दी। 9 अप्रैल की मध्यरात्रि किशनगंज थाना क्षेत्र में बाइक लूट की घटना हुई थी। थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि अपराधी पश्चिम बंगाल के पंथापड़ा गांव के रहने वाले हैं। थाना अध्यक्ष पुलिस टीम के साथ पंथापड़ा गांव पहुंच गए। चिन्हित व्यक्ति के यहां पूछताछ के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। ईंट-पत्थर और लाठी डंडे से हुए हमले में बाकी पुलिसकर्मी वहां से निकलने में सफल रहे, लेकिन थानेदार शहीद हो गए। घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने तत्काल पूर्णिया के आईजी सुरेश चौधरी और किशनगंज के एसपी कुमार आशीष को घटनास्थल पर भेजा। इस मामले में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुख्य अभियुक्त फिरोज आलम, अबुजार आलम और सहीनूर खातून शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के डीजीपी ने बिहार के डीजीपी से बातचीत की है और पूरा सहयोग का आश्वासन दिया।

सात निलंबित: आईजी सुरेश चौधरी ने अश्विनी के साथ छापेमारी में गए सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। आईजी ने बताया कि पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार, सिपाही राजू साहनी, अखिलेश तिवारी, प्रमोद पासवान,उज्ज्वल कुमार पासवान, सुनील चौधरी, सुशील कुमार अपनी जान बचाकर वहां से भाग गए थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी सिंघल से पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही डीजीपी को निर्देश दिया कि शहीद थानाध्यक्ष के परिजनों को अनुग्रह अनुदान की राशि एवं देय सभी लाभ शीघ्र दिया जाएं। अनुकंपा के आधार पर आश्रित को तत्काल नियुक्त करने का भी निर्देश दिया है।

शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार का शव शनिवार को जैसे की उनके पैतृक गांव जानकीनगर के पांचू मंडल टोला पहुंचा, पूरा इलाका शहीद अश्विनी अमर रहे के नारों से गूंज उठा। लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन किए। बदहवास बड़ी बेटी नैंसी एकटक तिरंगे में लिपटे अपने पिता के शव को देख जार-जार रो रही थी। नैंसी सिर्फ एक ही बात कहती- डैडी हम सब को छोड़ कहां चले गए आप। कैसे रहेंगे आपके बिना। वहीं, शहीद इंस्पेक्टर की छोटी बेटी ग्रेसी व बेटा वंश खामोश था, उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर क्या हो गया। शव पहुंचते ही मृतक की पत्नी मीनू स्नेहलता और बूढ़ी मां उर्मिला देवी की हालत बहुत खराब हो गई है।

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