स्कूल में एक भी बच्चे का एडमिशन हो या ना हो… केके पाठक ने सभी विषय के शिक्षकों को बहाल करने का दिया आदेश

सितंबर तक एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया तो स्कूल बंद करने पर होगा विचारउत्क्रमित हाईस्कूलों में सभी विषय के शिक्षक तैनात होंगे

नवउत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में अगर छात्र-छात्राओं का एक भी नामांकन नहीं होगा, तब भी वहां पर सभी विषयों के शिक्षकों की तैनाती होगी। बशर्ते उस जिले में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा उतने शिक्षक चयनित गये हों। ताकि, उस स्कूल में विद्यार्थी नामांकन लेने के लिए प्रेरित हों।

ऐसे स्कूलों में नामांकन के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके बाद भी अगर 30 सितंबर, 2024 तक एक भी छात्र का नामांकन नहीं होता है तो उस स्कूल को बंद करने पर शिक्षा विभाग विचार करेगा। इसको लेकर विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है।

श्री पाठक ने जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि जिन नवउत्क्रमित माध्यमिक स्कूलों में 100 से कम नामांकन है, वहां पर नये शिक्षकों के पदस्थापन का प्रस्ताव भेजने में जिलों को झिझक महसूस हो रही है। इसको देखते हुए ही विभाग यह आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि चयनित 55 हजार शिक्षक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में योगदान दे रहे हैं। हमें ध्यान देना है कि किसी स्कूल में नौवीं से 12 वीं तक एक भी विद्यार्थी नामांकित है, तो उसे पढ़ाने के लिए वहां पांच-सात शिक्षकों का पदस्थापन अनिवार्य रूप से करना है। ताकि, उसे संबंधित विषयों का मौलिक ज्ञान दिया जा सके। प्राप्त अनुभव से पाया गया है कि छात्रों का नामांकन किसी स्कूल में इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि वहां शिक्षक थे ही नहीं। स्कूल में छात्रों के आने की प्रतीक्षा नहीं करें। क्योंकि छात्र भी स्कूल में शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था इस कुचक्र में फंस गयी है कि शिक्षा विभाग और छात्र दोनों एक-दूसरे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस चक्र को तोड़ने के लिए किसी स्कूल में एक भी छात्र नहीं हैं तो भी वहां शिक्षकों का पदस्थापन कर सकते हैं।

पाठक ने जिलाधिकारियों को कहा है कि गांव-गांव में ग्राम सभा का आयोजन कर सभी लोगों को बताना है कि उनके पंचायत मुख्यालय में जो नया माध्यमिक स्कूल स्थापित हुआ है, उसमें बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित होकर शिक्षक आ गये हैं। 30 सितंबर, 2024 तक इसका सघन प्रचार-प्रसार किया जाएगा। श्री पाठक ने कहा है कि 2013 में ही इन नवउत्क्रमित माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों का पदस्थापन हो जाता तो यह नौबत नहीं आती कि वहां छात्रों का नामांकन नगण्य रहे। जब-तक नौवीं से 12 वीं में नामांकन में वृद्धि नहीं होती है, तब-तक शिक्षक मध्य विद्यालय के बच्चों को पढ़ाएंगे।

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