कोई दिवाना कहता है, कोई पागल समझता है, पटना पहुंचे कुमार विश्वास, कविता सुन झूम उठे लोग

हम वही जो शून्य में भी शून्य रचते हैं निरंतर, हम वही जो रोशनी रखते हैं सबकी चौखटों पर… उन उजालों का यही पैगाम ले आए हैं हम, हम हैं देसी..हम हैं देसी। हां, मगर हर देश में छाए हैं। बिहार का गौरवगान करते हुए जैसे ही कवि कुमार विश्वास ने ये लाइनें पढ़ीं, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था रविवार को वनबंधु परिषद के 12वें वार्षिकोत्सव पर गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में आयोजित ‘एक शाम एकल के नाम’ संगीतमय संध्या कार्यक्रम का। कोरोना काल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रेम की धारा बहने के साथ-साथ देशभक्ति व भक्ति का रंग भी दिखा।

राजनीतिक कटाक्ष का भी दौर चला। उन्होंने हिंदी में कविता संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार पाने वाली देश की पहली महिला साहित्यकार बिहार की बेटी अनामिका को लेकर कहा- हमारे लिए यह गर्व की बात है। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव, पटना चैप्टर के अध्यक्ष राधेश्याम बंसल, एकल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष बजरंग लाल बागरा आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान 11 एकल सेवार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

जिसकी मस्ती जिंदा, उसकी हस्ती जिंदा : उन्होंने विधानसभा में हुई हाथापाई को लेकर पढ़ा- न पैसा बचेगा, न पद बचेगा, जिसकी मस्ती जिंदा रहेगी, उसकी हस्ती जिंदा रहेगी। हमारे लिए सबसे ऊपर देश होना चाहिए, फिर विचार। अगर देश के खिलाफ कोई भी बोलता है, तो उसके खिलाफ आप बोलो।बिहार-यूपी के जैसा देश में किसी का भी जलवा नहीं : कुमार विश्वास ने कहा- बिहार और यूपी का जो जलवा है, वो देश में किसी का भी नहीं है। उन्होंने प्रेम पर पढ़ा- किसी के दिल की मायूसी यहां से होकर गुजरी है, हमारी सारी चालाकी वहीं पर खोकर गुजरी है। तुम्हारी और मेरी रात में बस फर्क इतना है। तुम्हारी सोकर गुजरी है, हमारी रोकर गुजरी है।

बापू सभागार में वनबंधु परिषद के वार्षिकाेत्सव पर कविता पाठ करते कुमार विश्वास। वहीं समाराेह का उद्धघाटन करते अतिथिगण। कुमार विश्वास ने कहा, जहां पूरी दुनिया कोरोना से परेशान रही, वहां विशाल जनसंख्या वाले देश भारत ने कोरोना को मात देकर इसपर जीत हासिल कर ली। कोरोना से जीतने में भारत के लोगों के आत्मबल का बड़ा योगदान है। इस देश ने हमें भरोसा करना सिखाया। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर पढ़ा- हमने दुनिया में मोहब्बत का असर जिंदा किया है, हमने दुश्मन को गले मिलकर शर्मिंदा किया है। इस लाइन से उन्होंने भारत की उदारता की कहानी सुनाई।

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