लालू पर कोरोना का खतरा: मिल सकती है जेल से छुट्टी, फैसला हेमंत सोरेन के हांथों में

चारा घोटाला मामले में 14 साल की जेल होने के बाद सज़ा झेल रहे राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को कोरोना वायरस के मद्देनजर परोल मिलने के आसार दिखने लगे है। फिलहाल वह रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के कैदी वार्ड में भर्ती हैं. इसी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज भी चल रहा है. यही नहीं जिस वार्ड में वह एडमिट हैं, उसी के ठीक ऊपर वाले फ्लोर में कोरोना संदिग्धों के लिए आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के संदर्भ में उनको पैरोल पर रिहा करने की कवायद चल रही है.

झारखंड में कांग्रेस कोटे से मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा है कि लालू यादव को पैरोल पर छोड़ने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा. उनकी उम्र 70 साल से ज्यादा हो गई है. ऐसे में उन्हें कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा है. इस संबंध में सीएम हेमंत सोरेन से आग्रह किया गया है कि लालू यादव सहित अन्य कैदी जिनकी उम्र 70 साल से ज्यादा है, उन्हें पैरोल पर छोड़ने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर उसे मंजूरी दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया जाए.

बीते 23 मार्च को दिए एक दिशा-निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने कोरोनावायरस के चलते जेल में कैदियों की संख्या कम करने के लिए सुझाव दिया था. चीफ जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेंच ने सभी राज्य सरकारों को एक उच्च स्तरीय कमेटी गठन करने की बात कही थी. इसमें कहा गया था कि सात साल से कम सजा पाए कैदियों को पैरोल पर रिहा किया जा सकता है. इस दिशा-निर्देश के तहत कमेटी यह तय करेगी कि किस श्रेणी के कैदियों को पेरोल या अंतरिम जमानत दी जा सकती है.

बहरहाल आपको बता दें कि लालू जी के पैरोल पर फैसला झारखंड सरकार का होगा कोर्ट का नहीं. लालू यादव के मामले को देख रहे रांची जिला कोर्ट के वकील अनंत कुमार वीज ने बताया है कि लालू जी 4 मामलों में 14 साल की सजा भुगत रहे हैं. जिसमें 28 महीने की सजा वह पूरी कर चुके हैं.

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