आज है लालू यादव का 74वां जन्मदिन, चपरासी क्वार्टर का गरीब लड़का बन गया रातों रात बिहार का CM

आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता लालू प्रसाद यादव का जन्मदिन है। 11 जून, 1948 को जन्मे लालू प्रसाद यादव 73 साल के हो गए हैं। चारा घोटाला में सजा काट रहे लालू अभी जमानत पर बाहर हैं। उनका बिहार की राजनीति में कई दशकों से खासा दखल रहा है। हालांकि उन्होंने केंद्र की भी राजनीति की है और वो केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे हैं। 

लालू प्रसाद 1990 से 1997 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बाद में वो 2004 से 2009 तक केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहे। 2009 में वो बिहार के सारण से सांसद चुने गए। लेकिन 2013 में बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में रांची स्थित सीबीआई की अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और 5 साल कारावास की सजा सुनाई। इसके कारण उन्हें लोकसभा की सदस्यता गंवानी पड़ी। चुनाव आयोग के उस समय के नए नियमों के अनुसार लालू यादव 11 साल (5 साल जेल और रिहाई के बाद के 6 साल) तक लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। 

बड़े भाई की पटना स्थित पशुचिकित्सा महाविद्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगने के बाद घर में फांकाकशी की स्थिति थोड़ी बदली। लालू को गोपालगंज के फुलवरिया गांव से पढ़ने के लिए पटना भेजा गया। यहां वह चपरासी क्वार्टर में ही रहकर मिलर स्कूल में पढ़ने लगे। बचपन में गोल-मटोल होने के कारण उनके पिता कुंदन राय ने उनका नाम लालू रखा था। उसके बाद जैसे-जैसे उनकी पढ़ाई पूरी होती गई, वे राजनीति के सफर पर आगे बढ़ते गए और चपरासी क्वार्टर से राज्य के मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचे।

मंडल के जादू के बाद चारा घोटाला ने पहुंचाया जेल
लालू को मंडल कमीशन की अनुशंसाओं के जादू ने राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई, लेकिन जल्द चारा घोटाला के सामने आने के बाद 30 जुलाई 1997 को लालू को पहली बार जेल जाने को बाध्य होना पड़ा। इसके बाद भी जोड़-तोड़ के साथ 2004 तक सत्ता की बागडोर लालू के इर्दगिर्द ही रही। फिर उन्होंने केंद्रीय राजनीति में रेलमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक अहमियत बनाए रखने की भरपूर कोशिश की। लेकिन जब केंद्र व राज्य की सत्ता से पूर्णतया बाहर होने का खतरा मंडराने लगा तो, उन्होंने 2014 में एकबार फिर नीतीश कुमार व कांग्रेस को साथ लेकर बिहार की सत्ता में पुनर्वापसी की, लेकिन यह अस्थायी सफर सिद्ध हुआ। चारा घोटाले ने एक बार फिर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

डेली बिहार न्यूज फेसबुक ग्रुप को ज्वाइन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें….DAILY BIHAR

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *