शुरू करें ATM फ्रेंचाइजी का बिजनेस और हर ट्रांजैक्शन पर पाएँ 8 रुपए का कमिशन, जानिए पूरा प्रोसेस

ये बातें सन 1980 के दशक की है जब भारत में पहला पैसे निकालने की मशीन अर्थात ATM खुला था। पिछले 20 सालों में देश में ATM की चारो तरफ बाढ़ सी आ गई, इसके बावजूद अभी वैश्विक स्तर पर काफी पीछे हैं। भारत में प्रति लाख आबादी पर महज 28 ATM हैं जबकि वैश्विक औसत 50 ATM का है। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग के लिहाज से ATM बहुत ही महत्वपूर्ण साधन और सुविधा है। ग्रामीण इलाकों में इसकी पहुँच अभी भी उस तरह नहीं है। ऐसे में यह एक सक्सेसफुल बिजनेस मॉडल भी है।

RBI इंडिया की सितंबर 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में ATM की संख्या 2,34,244 थी। खासकर नोटबंदी के बाद ATM फ्रेंचाइजी बिजनेस में काफी बढ़त आया है। अपने देश में वित्तिय कामों के लिए ATM कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि द हिंदू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल औसतन 2,60,000 करोड़ रुपए ATM से निकासी होती है। यह टोटल करेंसी सर्कुलेशन का 10 फीसदी है। अगर आप भी ATM Franchise लेना चाहते हैं तो यह काफी आसान हो गया है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ATM Franchise एक प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल है जिससे आपकी रेग्युलरहर कमाई होती है। साथ ही आपको बता दें कि यह फ्रेंचाइजी कोई बैंक नहीं देता है बल्कि बैंकों ने यह काम थर्ड पार्टी वेंडर को सौंप दिया है. इनमें प्रमुख नाम TATA INDICASH ATM, Hitachi, Muthoot ATM और India1ATM हैं। टाटा इंडिकैश इनमें सबसे बड़ी और पुरानी कंपनी है। यह 2 लाख के सिक्यॉरिटी डिपॉजिट पर फ्रेंचाइजी देती है जो रिफंडेबल है। इसके अलावा 3 लाख रुपए वर्किंग कैपिटल के रूप में जमा करने होंगे। इस तरह कुल निवश 5 लाख रुपए का होता है।

TATA INDICASH फ्रेंचाइजी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अगर आपके पास सही लोकेशन पर कम से कम 60-80 Sqft का कमर्शियल जगह है तो इस फ्रेंचाइजी को लिया जा सकता है। यह जगह लीज पर भी हो सकता है। ऐप्लीकेशन डालने के बाद टाटा इंडिकैश सबसे पहले आपके लोकेशन को शॉर्टलिस्ट करता है। इसके बाद कंपनी के साथ एक अग्रीमेंट तैयार होता है। कुल इन्वेस्मेंट 5 लाख रुपए होता है जिसमें 2 लाख रिफंडेबल है।

साथ ही आपको बता दें कि ATM शुरू हो जाने के बाद सभी ट्रांजैक्शन के बदले आपको कमिशन मिलता है. जिसको यह फ्रेंचाइजी मिलती है उसकी जिम्मेदारी है कि वह ATM ऑपरेशनल वर्क को देखे। इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट, कारपेंटर वर्क्स, हाउस कीपिंग और वहां की साफ-सफाई आपकी जिम्मेदारी होगी। इसके लिए 1 साल का लॉक-इन पीरियड भी होता है। उससे पहले एटीएम ब्रांच बंद करने पर 1 लाख रुपए पेनाल्टी के रूप में काट ली जाएगी।

साथ ही आपकी कमाई की बात करें तो हर कैश ट्रांजैक्शन पर 8 रुपए और नॉन कैश ट्रांजैक्शन पर 2 रुपए मिलते हैं। सालाना आधार पर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट 33-50 फीसदी तक है। ऐसे में अगर आप भी एटीएम की फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं तो https://indicash.co.in/contact-us/atm-franchise/ इस लिंक पर जाकर पूरी जानकारी भरें। इसके अलावा 1800 2662 660 के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर भी पूरी जानकारी ले सकते हैं।

बीच स्टोरी में 3 लाख के वर्किंग कैपिटल और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट का जिक्र किया है। यह वही वर्किंग कैपिटल होता है जो आपको ATM में कैश समाप्त होने पर बैंक से बार-बार निकाल कर जमा करना होगा। बैंक आपके करंट अकाउंट में पैसे जमा करता है जहाँ से आपको पैसे निकाल कर ATM में जमा करने हैं। जैसे-जैसे ATM से पैसे निकलते जाते हैं, बैंक आपके करंट अकाउंट में पैसा जमा करता जाता है और बदले में आपको कमिशन भी मिलता है।

एक ATM से कितनी कमाई होगी इसका अगर रफ कैलकुलेशन करें तो 5 लाख के वर्किंग कैपिटल पर रोजाना आधार पर अगर 250 ट्रांजैक्शन होते हैं जिसमें 65 फीसदी कैश ट्रांजैक्शन और 35 फीसदी नॉन कैश ट्रांजैक्शन हो तो मंथली इनकम 45 हजार रुपए के करीब होगी। 65/35 के औसत से अगर रोजाना 350 ट्रांजैक्शन होते हैं तो 60-62 हजार रुपए और रोजाना 500 ट्रांजैक्शन होने पर करीब 88-90 हजार रुपए कमिशन के रूप में बनेंगे। अगर ATM स्पेस आपका खुद है तो इलेक्ट्रिसिटी और सिक्योरिटी गार्ड का कुल खर्च हर महीने 30,000 रु के करीब होगा। इस तरह एक महीने में कम से कम 15,000 रुपए और अधिकतम 50,000 रुपए तक कमाई संभव है। वैसे कमाई इससे ज्यादा और कम दोनों हो सकती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वहां कितने कस्टमर्स रोजाना आते हैं और कितना ट्रांजैक्शन करते हैं।

डेली बिहार न्यूज फेसबुक ग्रुप को ज्वाइन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें….DAILY BIHAR  आप हमे फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और ह्वाटसअप पर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.