एलआईसी को कंगाल करके ही दम लेगी मोदी सरकार, यस बैंक पर निवेश करने को LIC पर बनाया जा रहा दबाव

संकटग्रस्त बैंक को बचाने के लिए फिर LIC की पूंजी झोकी जा रही है पहले IDBI में LIC से इन्वेस्टमेंट करवाया गया था अब यस बैंक जिसको मार्च में ही बेल आउट किया गया था अब उसमे फिर LIC को शेयर खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है एलआईसी ने ओपन मार्केट से यस बैंक के 105.98 करोड़ शेयर खरीदे जो बैंक की 4.23 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। एलआईसी की हिस्सेदारी 0.75 फीसदी से बढ़कर 4.98 फीसदी हो गई है यस बैंक में पिछले कुछ दिनों से लोअर सर्किट लग था अब यह खबर सामने आई है.

यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी एसबीआई और एलआईसी की होगी : एसबीआई और एलआईसी के पास यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी. दोनों प्रति शेयर 2 रुपये की दर से यस बैंक के प्रिफरेंशियल शेयर हासिल करेंगे. सूत्रों ने ईटी नाउ को यह जानकारी दी है. इसके मुताबिक, एसबीआई और एलआईसी को इस हिस्सेदारी के लिए 490 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा.

एसबीआई को ओपन ऑफर पेश करने से छूट मिल सकती है. यह ध्यान में रखना होगा कि नवंबर 2019 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामले में भी एसबीआई को इस तरह की छूट मिली थी. गुरुवार को यस बैंक के शेयर में 25.77 फीसदी उछाल आया. यह बीएसई पर 36.85 रुपये पर बंद हुआ. इसकी वजह यस बैंक में एसबाई के हिस्सेदारी हासिल करने की खबर रही.

सरकार ने एसबीआई को एक कंसोर्शियम बनाकर यस बैंक में हिस्सेदारी हासिल करने को कहा है. यस बैक काफी समय से मुश्किलों का सामना कर रहा है. एसबीआई ने स्टॉक एक्सचेजों से कहा है, “हम इस मामले में घटनाक्रम से जुड़ी किसी तरह की जानकारी होने पर सेबी के नियमों का पालन करते हुए स्टॉक एक्सचेंजों से साझा करेंगे.”

जनवरी की शुरुआत में यस बैंक के चेयरमैन रवनीत गिल ने भरोसा जताया था कि यस बैंक को संकट से निकालने के लिए कुछ न कुछ रास्ता निकल जाएगा. यस बैंक लाख कोशिशों के बावजूद रणनीतिक निवेशक तलाशने में नाकाम रहा है. हालिया खबरों के मुताबिक, यस बैंक ने 30 से 50 करोड़ डॉलर जुटाने के लिए म्यूचुअल फंड़ों से संपर्क किया था.

यस बैंक ने पहले कहा था कि वह देर से तीसरी तिमाही के नतीजे पेश करेगा, क्योंकि वह चार रणनीतिक निवेशकों की तरफ से आई बोली पर विचार कर रहा है. यस बैंक ने अपना पूंजी आधार बढ़ाने के लिए 2 अरब डॉलर तक की रकम जुटाने की योजना बनाई थी.

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