बिहार में चुनाव के दौरान खुलेआम धांधली, बूथ कैप्चरिंग में मजिस्ट्रेट बर्खास्त, एमवीआई निलंबित

PATNA : बिहार में एक बार फिर चुनाव में धांधली की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है बड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी अधिकारियों को सजा दी गई है। मुजफ्फरपुर के होटल से ईवीएम मिलने के मामले में जहां अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है तो वहीं लखीसराय में बूथ कैपचरिंग मामले में जोनल मजिस्ट्रेट की सेवा समाप्त कर दी गई है। जानकारों की माने तो बहुत साल बाद इस तरह से बिहार में एक बार फिर चुनाव के दौरान धांधली की जा रही है।

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ताजा अपडेट के अनुसार लोकसभा चुनाव के दौरान लखीसराय विस क्षेत्र के हलसी के दो बूथों को कैप्चर किए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। योजना एवं विकास विभाग ने एक आदेश जारी कर बूथ संख्या 339 व 340 पर बतौर जोनल मजिस्ट्रेट तैनात प्रताप कुमार की सेवा समाप्त कर दी है। प्रताप स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन लखीसराय के जेई थे।

मामले की जांच के बाद डीएम शोभेंद्र कुमार चौधरी ने प्रताप कुमार के खिलाफ कार्रवाई की अनुसंशा की थी। भेजी गई रिपोर्ट में उल्लेखित है कि उक्त बूथ पर एक खास प्रत्याशी के प्रभाव में आकर जेई ने काम किया और मतदान केंद्र को कब्जा से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। उक्त अधिकारी ने अपने वरीय अधिकारियों को भी सूचित नहीं किया।29 अप्रैल को मुंगेर में मतदान हुआ था। उसके अगले दिन कैप्चर कर वोट डालने का वीडियो वायरल हुआ।

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मुंगेर। 2019 के मुंगेर लोस चुनाव के दौरान निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में मुंगेर के एमवीआई अनूप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही आरडी एंड डीजे कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमिताभ कुमार के विरुद्ध आरोपपत्र गठित कर कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा गया है। वहीं सदर सीओ दिव्यराज गणेश निर्वाचन अवधि के दौरान बिना स्वीकृति के मुख्यालय से अनुपस्थित थे। इस कारण डीएम ने उनके 10 दिनों के वेतन पर रोक लगाई है।

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