मजदूर का बेटा बना मैट्रिक परीक्षा का टॉपर, रिजल्ट सुनते ही ख़ुशी से रो पड़ा माँ-बाप, कहा- आयुष ने नाम रोशन कर दिया

Gaya : मैट्रिक में जिला टॉप किया बेटा तो मजदूर पिता बोले- मैं और मेहनत करूंगा…पढ़िये इमोशनल स्टोरी

गया जिले के नक्सल क्षेत्र गुरुआ प्रखंड के रघुनाथपुर गांव के रहने वाले एक मजदूर के बेटे आयुष ने मैट्रिक परीक्षा में गया जिला में टॉप किया है. आयुष के टॉप होने की सूचना मिलते ही घर वालों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा. माता-पिता बेहद खुश हैं और साथ ही गांव वाले भी आयुष की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं.

बेटे को पढ़ने के लिए मां ने कर्ज भी लिया और जब माता-पिता ने पैसे कमा लिया तो उसे कर्ज को लौटाया भी. अब बेटा मैट्रिक में गया जिला में टॉप लाया है. बेहद गरीब परिवार का यह बेटा है जिनके पिता मजदूरी का काम करते हैं. मां घर में ही कामकाज करती हैं. अब बेटा की ख्वाहिश है कि वह एक डॉक्टर बने. डॉक्टर बनकर सबसे पहले अपने माली हालत को ठीक करेगा.

मां का कहना है कि अपने बेटे पर काफी गर्व हो रहा है कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाया और जब पैसा आया तो उसे कर्ज को भी लौटा दिया. वहीं, पिता बताते हैं कि बेटे की जो चाहत थी उसने वह पूरा किया, हमारी तरफ से भी जो भी हो पाएगा जहां तक पढ़ेगा, हम उसके लिए मेहनत करेंगे और अधिक पैसा कमाएंगे, ताकि बेटा आगे बढ़ सके.

बता दें कि आयुष गुरुआ प्रखंड के रघुनाथपुर खाप के रहने वाले हैं. इसी गांव में उत्क्रमित उच्च विद्यालय रघुनाथपुर खाप है, जहां से वह मैट्रिक की परीक्षा पास किया था. उसने 477 अंक लाकर गया जिले में टॉप किया है. उनके पिता नागेंद्र कुमार मजदूरी का काम करते हैं, जबकि मां अनुपमा देवी एक गृहिणी है. आयुष अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता वह मामा और स्कूल के शिक्षक को देते हैं.

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