CAA-NPR-NRC के खिलाफ सड़क पर उतरे बिहार के लोग, मानव शृंखला बनाकर किया विरोध

भाकपा माले की अपील पर शनिवार को लोगों ने फुलवारीशरीफ में मानव शृंखला बनाकर सीएए ,एनपीआर और एनआरसी का विरोध किया। इमारत-ए-शरिया के निकट बनाई गई मानव शृंखला में शामिल होने के लिए लोगों की कतार लगी थी। इमारत-ए-शरिया के अलावे 34 छोटी बड़ी पार्टियों ने भाकपा माले की मानव शृंखला का समर्थन किया था। इमारत-ए-शरिया के कार्यवाहक सचिव मौलाना मोहम्मद शिबली कासमी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एनपीआर का बहिष्कार करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इस काले कानून के खिलाफ लोग सड़क पर उतर रहे हैं। इमारत शरिया के कार्यवाहक सचिव ने कहा जनता ने तय कर लिया है कि उस समय तक डटे रहेंगे जब तक सरकार घुटने टेकने एवं इस काले कानून को वापस लेने के लिए तैयार न हो जाए। मानव शृंखला की रिकार्ड कामयाबी के बाद अब हमारा अगला लक्ष्य 29 जनवरी को होने वाले भारत बंद को कामयाब बनाना है।

फुलवारीशरीफ : कूड़ा डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग को लेकर मानपुर बैरिया में स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों के द्वारा मानव शृंखला बनाई गई। जिसमें हजारों कि संख्या में लोग एक दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े हुए। बैरिया कर्णपुरा पंचायत के मुखिया रामनाथ यादव ने कहा कि कूडा डंपिंग यार्ड हटाने के लिए कई बार डीएम से लेकर स्थानीय प्रशासन तक को लिखित शिकायत कर चुका हूं। लेकिन सरकार उदासीन है।

मानव शृंखला के दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव फुलवारीशरीफ से गुजरे। कार से लोगों का अभिवादन करते हुये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा कि बिहार में एनपीआर और सीएए पर उनका रूख क्या है। मौके पर अखलाक अहमद कादरी, इमरान गनी, राजद के कौसर खान, मौलाना अनिसुर रहमान कासमी, गुरू देव दास, साधु शरण, महेश रजक, देवी लाल, डाॅ अतहर इमाम, मो फारूक रजा, सलाउदीन मंसूरी, मौजूद थे ।

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