अग्निपथ योजना अगर इतनी ही अच्छी है तो विधायक-सांसद के बच्चों को भी जाना चाहिए

अग्निपथ योजना अगर इतनी ही अच्छी है तो नियम बना दो -देश भर में हर MLA और MP के बच्चे 17 साल के होते ही सबसे पहले इस योजना के तहत 4 साल की नौकरी करेंगे. यह बयान आप नेता और दिल्ली के डिप्टी CM मनीष शिशोदिया का है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया में जमकर डिबेट हो रहा है।

प्रवीण झा का कहना है कि सभी सांसदों विधायकों, मंत्री को पेनशन को छोड़ना चाहिए। और चार साल सेवा देकर सांसद वीर. विधायक वीर बनना चाहिए। और जब संसद और विधायक से जाए तो उतनी ही रकम लेकर जाए जीतने अग्निवीर को दिया जाए। बस इतना ही तो करना हैं। और कुछ भी सुविधाएं नहीं दी जाएगी।

तरुण शर्मा अबे ओ बुद्धि से ज्ञानहीन शिक्षामंत्री…तू और सारे विरोधी जानते हैं ये योजना उन गरीबों के लिए ज्यादा सहायक है जो अपने बच्चों के कालेज का खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं…4 साल के अंत में जो 25% ज्यादा होंगे, उन्हें सेनाओं में आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा…बाकी 75% के लिए योग्यता अनुसार HMO ने CAPF अर्थात BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB, NSG, SPG और Assam Rifles में 10% वेकेंसी Agniveer के लिए आरक्षित कर दी हैं…उसके बाद जो बचेंगे, क्योंकि वो अनुशासन पूर्ण होंगे, उन्हें कारपोरेटस हाथों हाथ उठा लेंगे, साधारण ग्रैजुएट्स के मुकाबले या वो कोई अपना व्यापार भी शुरू कर सकते हैं या वो उच्च अध्ययन कर सकते हैं क्योंकि उनके पास 4 साल में कमाए हुए ₹ 23 लाख होंगे…!!!

संसद में कानून बनाईये , सांसद पांच साल के लिए, मंत्री तीन साल के लिए, प्रधानमंत्री दो साल के लिए केवल पूरी जिंदगी में एक बार ही बनेंगे,वैतनभत्ते कुल प्रथम साल 1.20लाख रुपए, और पांचवें साल 6.00लाख रुपए, कोई पैंशन नहीं,,,,,, देश,समाज सेवा के लिए संसद में आये हो,,,देश को खाने के लिए नहीं। बनाइयेगा ये कानून और उसके बाद पागलपन के काम करिए,जो मर्जी में आये।

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