पत्नी को MLA बनते नहीं देख सके बिहार के मंत्रीजी, चुनाव से पहले कोरोना से निधन, BJP ने दिया टिकट

बिहार चुनाव में भाजपा ने प्राणपुर सीट से निशा को उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया है, हालांकि इसका औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है

बीते दो महीने से हर पल साथ रही निशा सिंह अपने पति मंत्री विनोद सिंह से आखिरी वक्त में मिल भी नहीं पाईं। पति की तबीयत खराब होने की वजह से भाजपा ने प्राणपुर (जिला-कटिहार) की सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया था, हालांकि पार्टी ने अभी तक इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन निशा सिंह को भाजपा की तरफ से नामांकन से जुड़ी तैयारियां करने के लिए कहा जा चुका था।

निशा एक सप्ताह पहले ही दिल्ली से पटना पहुंची थीं। सोमवार सुबह दिल्ली से खबर आई कि उनके पति की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है। खबर सुनते ही निशा बागडोगरा एयरपोर्ट के लिए निकल गई थीं, जहां से वो दिल्ली जाने वाली थीं। लेकिन वो बागडोगरा पहुंची भी नहीं थीं कि विनोद सिंह की मौत की मनहूस खबर आ गई। 28 जून को जब पहली बार विनोद सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई थी, उस वक्त निशा सिंह भी करोनो पॉजिटिव हो गई थी। लेकिन इलाज के बाद वो ठीक हो गईं, लेकिन विनोद सिंह की हालत लागातार बिगड़ती गई।

कटिहार के बचनाहा गांव रहता है परिवार : विनोद सिंह का पूरा परिवार कटिहार के मनसाही थाना के बचनाहा गांव में रहता है। विनोद सिंह की दो बेटियां हैं जो इस वक्त बचनाहा गांव में ही परिवार के साथ रह रही हैं। बड़ी बेटी कशिश 11वीं की छात्रा हैं। छोटी कृष्टि 7वीं में पढ़ती हैं। विनोद सिंह 9 भाई बहन थे, इनमें से 3 भाई और 1 बहन उनसे बड़ी हैं। उनके पिताजी राम विलास सिंह का पिछले ही साल नि’धन हुआ था। बूढ़ी मां बुधनी देवी बेटे विनोद की मौत की खबर सुन बेसुध हो गई हैं।

प्राणपुर सीट पर तीसरे चरण में हैं मतदान : विनोद सिंह की जिस सीट से पत्नी निशा सिंह के चुनाव लड़ने की संभावना है वो है प्राणपुर विधानसभा शीट है। तीसरे और आखिरी चरण में यहां मतदान होना है। 13 अक्टूबर से तीसरे चरण की सीटों पर नामांकन होना है।

कटिहार के प्राणपुर के मनसाही थाना क्षेत्र के बचनाहा गांव के रहने वाले विनोद सिंह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही एक्टिव थे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कटिहार जिला अध्यक्ष बनने के बाद इन्हें किसान मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था।

तीन बार विधायक रह चुके विनोद सिंह को नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में पिछली बार मंत्री बनाया गया था। इन्होंने अति पिछड़ा कल्याण विभाग और खनन एवं भू तत्त्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। 2000, 2010, 2015 में विधायक बने विनोद सिंह भाजपा के अति पिछड़ा नेताओं में सबसे तेज तर्रार माने जाते थे।

मंत्री विनोद सिंह कई बार अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे थे। नीतीश सरकार के वह पहले ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने बिहार में एनआरसी लागू करने की मांग की थी। विनोद सिंह ने दावा किया था कि बिहार के सीमांचल इलाकों में करीब 40 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं, जिसको लेकर बिहार में एनआरसी जरूरी है।

यही नहीं, उन्होंने भाजपा के एक समारोह में ये कहकर हंगामा खड़ा कर दिया था कि ‘भारत माता की जय’ का नारा न लगाने वाले मीडियाकर्मी, पाकिस्तान के समर्थक हैं। विनोद के इस बयान पर बिहार के सियासी गलियारों में खूब हंगामा हुआ था और विपक्ष ने जमकर उन पर बयानी हमले किए थे।

विनोद तब भी चर्चा में आए थे जब 3 जून 2019 को उन्हें खनन विभाग से हटाकर पिछड़ा-अतिपिछड़ा विभाग का मंत्री बना दिया गया था। तब विनोद ने अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं की नीयत पर सवाल खड़े कर भाजपा को परेशानी में डाल दिया था। हालांकि बाद में मान-मनौव्वल के बाद वह चुप हो गए थे।

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