जजों के फैसले से नाराज मैरी कॉम, कहा – मेरे साथ धोखा हुआ है

भारत की अनुभवी मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम का अपने दूसरे ओलंपिक पदक का सपना टूट गया। महिलाओं के 51kg के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में कोलम्बिया की इंग्रिट वालेंसिया से 3:2 के स्प्लिट डिसीजन से हारकर मैरी कॉम का ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन मैरी कॉम की मानें तो ये मुकाबला वो जीत रही थीं। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के साथ एक विशेष बातचीत में एमसी मैरी कॉम ने जजों पर ‘धोखाधड़ी’ और एक ‘अनुचित निर्णय’ लेने का आरोप लगाया है जो उनके प्रतिद्वंद्वी के पक्ष में है।
मैरी कॉम ने कहा कि उन्हें लंबे समय तक इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि वे हार गईं। वे लगातार खुद को बतौर विजेता देख रही थीं। वे बताती हैं कि रिंग के अंदर मैं खुश थी, मैच खत्म होने के बाद भी दुखी नहीं थी। मैं अपने दिमाग में जानती थी कि ये मैच जीत लिया गया है। लेकिन जब सोशल मीडिया और अपने कोच को देखा, तब अहसास हुआ कि मैच मैं गंवा चुकी हूं। मैरी को इस बात का दुख है कि वे इस फैसले को चुनौती नहीं दे सकती हैं, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि दुनिया ने सच्चाई देखी होगी।


दिग्गज भारतीय मुक्केबाज ने देशवासियों से माफी मांगते हुए कहा, ”मैं आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए खुश हूं। सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि उनके लिए भी प्रार्थना करें जो आगे खेलने वाले हैं। हम फिर से एक भारतीय होने का गर्व महसूस करना चाहते हैं।”
बता दें कि छह बार की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत का परचम लहराया था। मैरी कॉम ने इस बेहद कड़े मुकाबले में अपने तीनों राउंड में अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करते हुए मुकाबला खेला था, लेकिन 3: 2 के स्प्लिट डिसिजन से कोलंबिया की नंबर 3 वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया से हार गईं।

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