मधेपुरा में 781 करोड़ से बना 500 बेड वाला सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार वर्ष 200-07 में तीन मेडिकल काॅलेज खोलने की सोचा था। बेतिया और पावापुरी का मेडिकल कॉलेज पहले बन गए। जमीन संबंधित अड़चन के कारण मधेपुरा का मेडिकल कॉलेज शुरू करने में थोड़ी देर हुई। लेकिन जब जमीन मिल गई, तो पौने सात साल के अंदर मधेपुरा का मेडिकल कॉलेज बना और उसका उद्घाटन कर आज प्रसन्नता हो रही है। ये बातें शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधेपुरा में कहीं। वे जिले के सबैला में ~781 करोड़ की लागत से बने 500 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का उद्घाटन करने आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार जब 2005 में मौका मिला, तो पीएचसी का सर्वेक्षण कराया।

तब एक माह में औसतन पीएचसी में 39 मरीज इलाज कराने जाते थे। जो मेडिकल कॉलेज थे, वहां के बेड के हिसाब से मरीज नहीं जाते थे। अस्पताल के बेड पर कुत्ता बैठता था। तब से स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। आज स्थिति यह है कि पीएचसी में प्रतिमाह औसतन 10000 मरीज इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में डॉक्टर, नर्स हैं। दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि बिहार के लोग मजबूरी में बाहर इलाज कराने न जाएं। इसलिए मधेपुरा में बना मेडिकल कॉलेज इतना आधुनिक बना है कि कोसी और सीमांचल के लोग यहां आकर इलाज कराएं। उन्होंने कहा कि मधेपुरा से उन्हें लगाव है, यह सभी जानते हैं। जबकि सिंहेश्वर बाबा के प्रति अपार श्रद्धा है। वहां काफी वर्षों से जाता रहा हूं। इससे पूर्व एक-एक पौधा और शॉल देकर मुख्यमंत्री, मंत्रियों व विधायकों का स्वगत किया गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने मेडिकल कॉलेज की विशेषताएं बताई और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेमौसम बारिश हो रही है, अचानक से गर्मी हो रही है। यह सब जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है। इसलिए जल- जीवन- हरियाली अभियान शुरू किया गया है। जल और हरियाली जबतक सुरक्षित होगा, तभी जीवन सुरक्षित होगा। इसलिए इसको लेकर जागरूक होना है। अब हर मंगलवार को सभी सरकारी कार्यालयों में इसपर चर्चा की जाएगी। इसके लिए 11 सूत्री कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इसमें सात जल से, एक हरियाली, एक मौसम और एक ऊर्जा संरक्षण के लिए है। हर घर बिजली का कनेक्शन पहुंचाए हैं। अब सौर ऊर्जा पर काम कर रहे हैं। सब दिन के लिए असली ऊर्जा मिलेगी। जल संरक्षण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से उत्सर्जित होने वाला जल साफ होकर यहीं हरियाली बनाने के काम आएगा। घरों में बिजली पहुंचाए हैं। अभी किसानों के लिए कनेक्शन दे रहे हैं। आने वाले दिनों में हर खेत में पानी पहुंचाने की योजना है। कृषि के क्षेत्र में कोसी का इलाका काफी आगे है। खेताें तक पानी पहुंचेगा तो किसानों की आर्थिक स्थिति समृद्ध होगी। सात निश्चय की योजनाअों की चर्चा करते हुए उन्होंने छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से चार लाख रुपए का लाभ लेने की बात कही। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ जमीन देने के लिए बीएनएमयू के पदाधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। साथ ही अधिकारियों से कहा कि आज विभिन्न योजनाअों का शिलान्यास कराया गया है तो समय पर उस काम को भी पूरा कराएं। निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सर्वे कहता है कि जिस पुरुष की पत्नी 10वीं तक पास है, वहां बच्चों का औसत दो है, जबकि जिन पुरुषों की पत्नी 12वीं तक पढ़ी है, वहां बच्चों का औसत 1.6 है। आबादी बढ़ रही है, लेकिन जमीन तो नहीं बढ़ेंगें। इसलिए हर पंचायत में हाई स्कूल खोलने की योजना पर काम किया जा रहा है। अबतक 6000 हाईस्कूल खुल चुके हैं। अप्रैल से हर पंचायत में इंटर तक की पढ़ाई होगी। लड़कियां भी इंटर तक पढ़ाई कर लेगी, तो जनसंख्या पर नियंत्रण लगेगा। ऐसा होने पर कुछ दशक के बाद बिहार की स्थिति बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि वे नर-नारी की समानता काे लेकर काम करते हैं। बिहार पहला राज्य है कि जहां पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। उन्होंने इसके लिए खास तौर से मधेपुरा की जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही जीविका समूह चलाया जा रहा है। 10 लाख समूह का लक्ष्य है, जिसमें से 9 लाख 13 हजार ग्रुप बन गए हैं। इससे जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने खास तौर से कहा कि शराबबंदी के बाद भी कुछ लोग शराब बेचते अौर पीते हैं। यही लोग बधर-उधर की बातें करते हैं। इन्हें समझाएं कि जिन्होंने शराब पीना छोड़ दिया, उनके घर खुशहाली आ गई है।

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