बिहार में एक तरफ चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल, उधर मंत्री हो रहे मालामाल

PATNA:बिहार में एक तरफ जहां सरकार के पास नगर निगम के सफाई कर्मियों को स्थाई करने के लिए पैसे नहीं है तो वहीं दूसरी ओर सरकार मंत्रियों पर पैसे उड़ा रही है. बताया जा रहा है कि बिहार में मंत्री जी अब 25 लखिया लग्जरी कार की सवारी कर सकेंगे. जहां इस श्रेणी में पटना हाईकोर्ट के जजों को भी शामिल किया गया है.

इतना ही नहीं अपर मुख्य सचिव से लेकर अन्य वैसे अधिकारी जिन्हें सरकार ने वाहन की सुविधा दी है वे भी 11 से 20 लाख रुपये तक की गाडिय़ा इस्तेमाल कर सकेंगे. राज्‍य सरकार ने मंत्रियों, हाईकोर्ट के जजों से लेकर डीएम-एसपी जैसे अधिकारियों के लिए सरकारी कार खरीद की अधिकतम सीमा तय कर दी है.

आपको बता दें कि विभिन्न स्तर के सरकारी लोक सेवकों और पदाधिकारियों के उपयोग के लिए सरकारी वाहनों की सेवा मुहैया कराई जाती रही है. पिछले कई वर्षों में गाडिय़ों की कीमत तो बढ़ी, लेकिन सरकारी वाहन कैसे होंगे और कितनी कीमत तक की खरीदारी हो सकेगी इसका कोई सही प्रकार से निर्धारण नहीं था.

किस रैंक के अधिकारी और सरकार के मंत्री किस प्रकार के और कितनी कीमत तक के वाहन में चढ़ सकेंगे इसका निर्धारण करने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रशासी पद वर्ग समिति गठित की और उसे अधिकारियों के रैंक के मुताबिक वाहन और वाहन की कीमत तय करने की जिम्मेदारी दी गई. प्रशासी पद वर्ग समिति ने अब इसका निर्धारण कर लिया है.

ऐसे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की अनुशंसा के मुताबिक मंत्री या अधिकारी लग्जरी वाहन खरीद सकेंगे, लेकिन इसके पूर्व उनके पुराने वाहनों को नीलाम किया जाएगा. पुराने वाहन नीलाम होने के बाद ही मंत्री या अधिकारी नए वाहन की खरीद सकेंगे. सरकार ने अधिकारियों और मंत्रियों को हिदायत दी है कि वाहनों की खरीद करते वक्त इस बात का ख्याल रखा जाए कि वाहन सामान्यत: सफेद रंग के या फिर इससे मिलते जुलते हो.

आईए अब जानते है कि कौन खरीद सकेगा कितने की गाड़ी, मंत्री, हाईकोर्ट के जज व इनके समकक्ष: 25 लाख तक, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव: 20 लाख तक, जिलाधिकारी व इनके समकक्ष: 18 लाख तक, जिला जज, एसपी व समकक्ष: 13 लाख तक, अन्य अफसर जिन्हें वाहन मान्य है: 11 लाख तक की गाड़ियां खरीद सकते है.

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