मोदी ने आयुष्मान भारत योजना में की कटौती, आंख के मरीजों को किया नजरअंदाज

पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत में हर तरह के इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। जी हां, आंख की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए मोदी ने इस योजना में कोई जगह नहीं दी है। दरअसल, आयुष्मान भारत के दायरे में मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं आएगा। इसका मतलब यह है कि आयुष्मान भारत के दायरे में आने वाले लोगों को भी इस ऑपरेशन के लिए पैसा खर्च करना पड़ेगा। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने कैंसर के उपचार और घुटने बदलवाने जैसी सर्जरी के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन को भी इसके दायरे से हटा दिया गया है। आयुष्मान भारत के तहत 1300 मेडिकल पैकेज की लागत की समीक्षा के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनी थी। इस समिति ने मंगलवार को आयुष्मान भारत के नए स्वरूप को अंतिम रूप दे दिया।

पिछले साल सितंबर में लॉच हुई थी योजना : बता दें कि पीएम मोदी की आयुष्मान भारत योजना 2018 के सितंबर महीने में देशभर में लॉच हुई थी। तब से हॉस्पिटल और डॉक्टर पैकेज के तहत सरकार की ओर से मिलने वाली रकम की समीक्षा की मांग कर रहे थे। कमेटी ने 200 पैकेज के रेट बढ़ाने का फैसला किया है। उसने 63 पैकेज के खर्च में कमी भी की है। इस मामले से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने ईटी को बताया, “पहले पैकेज में कई खामियां थीं। जैसे लेफ्ट ब्रेस्ट की सर्जरी और राइट ब्रेस्ट की सर्जरी की रकम में 2000 रुपये का फर्क था। कार्डियो-थ्योरेसिक सर्जरी के तहत होने वाली सर्जरी जनरल सर्जरी पैकेज के मुकाबले काफी महंगी थी। इस तरह की खामियों को अब दूर कर दिया गया है।

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