कोरोना पर SC ने मोदी सरकार को लताड़ा, कहा- इमरजेंसी जैसे हालात लग रहा है, नेशनल प्लान मांगा

PATNA : देशभर में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न हालात पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अभी देश एक राष्ट्रीय आपातकाल जैसे हालात से गुजर रहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह हलफनामा दायर कर यह जानकारी दे कि देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति, वैक्सीनेशन का तरीका कैसा हो और राज्यों में लॉकडाउन का फैसला किसे करना चाहिए? चीफ जस्टिस बोबड़े ने कहा कि इस मुद्दे पर स्पष्ट राष्ट्रीय योजना की जरूरत है। इस समय 6 हाईकोर्ट इस मसले पर अलग-अलग सुनवाई कर रहे हैं। इससे भ्रम की स्थिति हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे को कोर्ट मित्र नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर शुक्रवार सुबह सुनवाई करेगा।

जिन 4 बिंदुओं पर कोर्ट ने मांगा नेशनल प्लान, जानिए क्या हैं उनमें हाल : ऑक्सीजन की सप्लाई: लगभग हर राज्य में अस्पताल ऑक्सीजन सप्लाई में कमी से जूझ रहे हैं। दिल्ली में लगातार तीन दिन तक जबरदस्त कमी के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाई। महाराष्ट्र के नागपुर में तो सप्लाई में कटौती के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने पलट दिया।

आवश्यक दवाओं की सप्लाई: कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवाओं की कमी हर राज्य में बनी हुई है। मप्र हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने-अपने राज्य की सरकारों को रेमडेसिविर की उपलब्धता को लेकर दो दिन पहले ही फटकार लगाई थी। आवश्यक दवा सप्लाई पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है।

वैक्सीनेशन का तरीका: 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन शुरू होगा। सीरम ने वैक्सीन के जो रेट जारी किए हैं उस पर राज्यों को आपत्ति है। सवाल उठने लगा है कि केंद्र खुद वैक्सीन देने के बजाय राज्यों से खरीदने के लिए क्यों कह रहा है। सिक्किम हाईकोर्ट में वैक्सीन आपूर्ति पर सुनवाई जारी है।

लॉकडाउन लगाने का अधिकार : अब तक राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड लॉकडाउन लगा चुके हैं। जबकि उत्तर प्रदेश, केरल व तमिलनाडु
लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के 5 शहरों में लॉकडाउन लगाया था। जो आदेश सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया। सुनवाई जारी है।
पीएम की उच्च स्तरीय बैठक के बाद ऑक्सीजन उत्पादन और सप्लाई पर अब डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू

पीएम नरेंद्र माेदी ने अाॅक्सीजन की कमी पर गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक की। केंद्र ने ऑक्सीजन के उत्पादन-सप्लाई पर अब डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर दिया है। अब कोई राज्य ऑक्सीजन का प्रोडक्शन, सप्लाई या ट्रांसपोर्टेशन बाधित नहीं कर सकता। केंद्र ने आदेश दिया है कि ऑक्सीजन उत्पादकों पर यह पाबंदी नहीं होनी चाहिए कि वे सिर्फ उसी राज्य के लिए ऑक्सीजन बनाएं। पीएम ने राज्याें काे अाॅक्सीजन की जमाखाेरी पर कड़े कदम उठाने को कहा।

येद्दियुरप्पा अस्पताल से निकलते ही बोले-कर्नाटक में हालात बेकाबू
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा नौ महीने में दूसरी बार कोरोना संक्रमित होने के बाद 16 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती हुए थे। गुरुवार को अस्पताल से छुट्‌टी मिलते ही उन्होंने कहा कि राज्य में महामारी के हालात बेकाबू हैं। हालांकि अभी तक राज्य में लॉकडाउन जैसे सख्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

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