मोदीजी जब 205 स्पेशल ट्रेनें चल सकती हैं तो सभी 463 क्यों नहीं, कम संख्या से मुश्किल हो रही यात्रा

कोरोना काल में हवाई जहाज की उड़ाने समान्य हो गई, बाजार पूरे रौ में है। सरकारी-प्राईवेट दफ्तरों में भी काम चल रहा है। खेलों पर लगी पाबंदी भी अब नहीं है। बावजूद इसके ट्रेनों का सामान्य परिचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इससे यात्रियों की भारी फजीहत हो रही है। कोरोना के कारण ट्रेन बंदी के बाद स्पेशल ट्रेनों की परिचालन शुरू हुई, लेकिन संख्या कम रहने के कारण यात्रियों को परेशानियों से राहत नहीं मिली। अभी जनसाधारण जैसे जनरल ट्रेनों में भी रिजर्वेशन चार्ज के तौर पर 15 रुपए अतिरिक्त लिए जा रहे हैं। इसी तरह सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल कोच को 2 एस में तब्दील कर दिया गया है और रिजर्वेशन के नाम पर 15 रुपए लिए जा रहे हैं।

पहले पूर्व मध्य रेल में 463 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें चलती थीं, अभी कुल 205 ट्रेनें हैं। इनमें 21 लोकल पैसेंजर ट्रेन है। पहले यह संख्या 382 थी। अभी 21 लोकल स्पेशल ट्रेनों से ही रेलवे काम चला रहा है। कोविड 19 के खतरे को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की गाइडलाइन के कारण ट्रेनों को नियंत्रित कर चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद ही रेल मंत्रालय की ओर से ट्रेनों के सामान्य परिचालन से संबंधित निर्देश जारी होगा। समय-समय पर जरूरत के लिहाज से स्पेशल ट्रेनों की सूची जारी हो रही है।

पूर्व मध्य रेल में अभी इतनी ट्रेनों का हो रहा परिचालन
{पूर्व मध्य रेल में अभी कुल 205 ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। दिल्ली जाने वाली प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के किराए पर एक नजर. ट्रेन एसी वन एसी टू एसी थ्री स्लीपर जनरल/2 एस. राजधानी 3660 2995 1535 000 000. संपूर्ण क्रांति 3225 1910 1350 510 305. श्रमजीवी 3275 1940 1365 520 310. जनसाधारण 305
क्लोन(हमसफर) 1555 590. { पूर्व मध्य रेल से ओरिजनेट-टर्मिनेट होने वाली ट्रेनें,यहीं से खुलकर यहां ही समाप्त होने वाली और पासिंग ट्रेनें भी. {इनमें 75 फेस्टिवल स्पेशल, 100 स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेनें, 9 क्लोन ट्रेनें और 21 लोकल पैसेंजर ट्रेनें हैं। (राजधानी में खाना नहीं दिया जा रहा है, उसका पैसा घटाया हुआ है)

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