बाढ में डूबा मुजफ्फरपुर शहर, घर-घर में घुसा पानी, चौकी पर चौकी डालकर भोजन पका रहे हैं लोग

मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन से सटा पानी, डिवाइडर पर झोपड़ी बनाने लगे लोग। कटरा प्रखंड की 14 पंचायतों का मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग। सकरा-पातेपुर जाने वाली सड़क पर 100 वर्ष पहले निर्मित पुल ध्वस्त। पूर्वी चंपारण के सुगौली व चिरैया में डूबने से चार बच्चों की हुई माैत।

मुजफ्फरपुर। प्रदेश में बाढ़ का पानी नए इलाके में फैल गया है। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के बाद अब मुजफ्फरपुर जिले में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। बूढ़ी गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुजफ्फरपुर शहर में भी पानी घुस गया। मंगलवार को 20 सेंटीमीटर बढ़ोतरी के साथ बूढ़ी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने से एक हजार से अधिक घरों में पानी प्रवेश कर गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिमी व पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी व शिवहर के बाढ़ पीड़ित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पश्चिमी चम्पारण जिले के रामनगर, नरकटियागंज, गौनाहा, चनपटिया, मझौलिया व पूर्वी चम्पारण के सुगौली, रामगढ़वा, छौड़ादानो, बंजरिया, चिरैया, ढाका, पताही, मधुबन जबकि मुजफ्फरपुर के गायघाट, कटरा, औराई और सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर, बेलसंड, बैरगनिया के साथ-साथ शिवहर के तीन प्रखंडों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान मंत्री संजय कुमार झा भी मौजूद थे।

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