डिप्टी CM ने माना बिहार में फेल हुआ स्मार्ट सिटी परियोजना, कहा-गंदगी देख रोंगटे खड़े हो गए

नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा तिरहुत प्रमंडल की पटना में समीक्षा बैठक हुई। इसमें मुजफ्फरपुर नगर निगम में चल रही तकरार से राजधानी भी अछूता नहीं रहा। डिप्टी सीएम रेणु देवी ने तल्ख लहजे में कहा कि मुजफ्फरपुर में सड़कों व गंदगी का हाल देख रोंगटे खड़े हो गए। उसको कह नहीं सकती… अधिकारी टिप्पणी करते हैं। उन्हें हिदायत देने की जरूरत है। इधर, नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने नाला बनाने के दौरान बड़े-बड़े स्लैब बनाने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही स्मार्ट सिटी को गति देने के लिए उपमुख्यमंत्री व प्रधान सचिव को मुजफ्फरपुर आने का न्योता दिया।

डिप्टी सीएम रेणु देवी ने कहा कि पटना व मुजफ्फरपुर में जलजमाव की वजह से सरकार की पहले फजीहत हो चुकी है। सबक लेते हुए मार्च-अप्रैल में ही सफाई हो जानी चाहिए। जहां मेयर-डिप्टी मेयर हैं, वहां अधिकारियों से तालमेल नहीं बैठ रहा। साथ काम करने का उपाय करना चाहिए। पिछले दिनों मुजफ्फरपुर दौरे के दौरान सड़क व गंदगी को नजदीक से देखने के अनुभव को डिप्टी सीएम ने मंच से साझा किया। कांटी विधायक इसराइल मंसूरी ने कहा छिन्नमस्तिका मंदिर व कोठिया बाजार पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। वहां साफ सफाई होनी चाहिए। बस स्टैंड होनी चाहिए। कांटी नगर पंचायत का अपना भवन बनना चाहिए।

बिना नोटिफिकेशन वाली स्लम बस्ती में भी अब हाेगा सर्वेक्षण
मुजफ्फरपुर | अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद ने बुधवार को सभी अंचल निरीक्षकों को आदेश जारी करते हुए कहा कि बिना नोटिफिकेशन वाले स्लम बस्ती का भी सर्वेक्षण किया जाए। ताकि कोई भूमिहीन नहीं छूटे। सर्वेक्षण में वार्ड पार्षदों का भी सहयोग लिया जाए। मालूम हो कि पहले नगर निगम की ओर से सर्वेक्षण में वार्ड पार्षदों का सहयोग नहीं लेने पर आपत्ति जताई गई थी।

नगर आयुक्त व मेयर के अधिकार को लेकर विवाद : महापौर
महापौर सुरेश कुमार ने कहा कि कोरोना की वजह से आमदनी नहीं होने के कारण हाल खस्ताहाल है। कमोबेश सभी जगह नगर आयुक्त व मेयर के अधिकार कर्तव्य को लेकर विवाद चल रहा है, जिसकी वजह से विकास नहीं हो पाता।

उपमुख्यमंत्री तारकिशाेर बोले- सभी नगर निगम में होगी समीक्षा
उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री तारकिशाेर प्रसाद ने कहा कि कार्यपालक पदाधिकारी के साथ संवादहीनता की कमी है। आपस में संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। नियम के अनुरूप एजेंडा होना चाहिए। डिप्टी सीएम ने सभी नगर निगम में पटना से अधिकारियों को भेजकर समीक्षा कराने का निर्देश दिया।

मुजफ्फरपुर में अब तक कागज में ही स्मार्ट सिटी : नगर विधायक
नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर में अब तक कागज में ही स्मार्ट सिटी है। इसको धरातल पर उतारने की जरूरत है। 50-100 फीट के नाले का स्लैब रहने की वजह से ठीक से सफाई नहीं हो पाती। 8 से 10 फीट का ही स्लैब बनना चाहिए। विकास नहीं होने के पीछे नगर निगम में चेक काटने का पावर कार्यपालक पदाधिकारी के पास होने की वजह से है। आईएएस ऑफिसर कुछ माह के लिए आते हैं। फंसने के डर से चेक काटने से परहेज करते हैं। बहुत काम रहता है। इस जिम्मेदारी से उन्हें मुक्ति मिलनी चाहिए। नाला निर्माण ऐसा होना चाहिए जिससे पानी निकासी हो।

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